297 Quotes by Aacharya Chanakya in Hindi -) Chanakya Niti Lines

धन से धर्म की रक्षा होती है, शक्ति से राज्य की रक्षा होती है, यदि पत्नी अच्छी पढ़ी-लिखी एवं गुणवान हो तो वह सारे घर की रक्षा कर सकती है।

धन से धर्म की रक्षा होती है, शक्ति से राज्य की रक्षा होती है, यदि पत्नी अच्छी पढ़ी-लिखी एवं गुणवान हो तो वह सारे घर की रक्षा कर सकती है।

नीतिवान पुरुष कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व ही देश-काल की परीक्षा कर लेते हैं।

नीतिवान पुरुष कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व ही देश-काल की परीक्षा कर लेते हैं।

जो लोग परमात्मा तक पहुंचना चाहते हैं उन्हें वाणी, मन, इन्द्रियों की पवित्रता और एक दयालु ह्रदय की आवश्यकता होती है।

जो लोग परमात्मा तक पहुंचना चाहते हैं उन्हें वाणी, मन, इन्द्रियों की पवित्रता और एक दयालु ह्रदय की आवश्यकता होती है।

ईश्वर ही राजा को दास और दास को राजा बना देता है।

ईश्वर ही राजा को दास और दास को राजा बना देता है।

यदि किसी का स्वभाव अच्छा है तो उसे किसी और गुण की क्या जरूरत है? यदि आदमी के पास प्रसिद्धि है तो भला उसे और किसी श्रृंगार की क्या आवश्यकता है।

यदि किसी का स्वभाव अच्छा है तो उसे किसी और गुण की क्या जरूरत है? यदि आदमी के पास प्रसिद्धि है तो भला उसे और किसी श्रृंगार की क्या आवश्यकता है।

किसी विशेष प्रयोजन के लिए ही शत्रु मित्र बनता है।

किसी विशेष प्रयोजन के लिए ही शत्रु मित्र बनता है।

विद्वान की हर स्थान पर पूजा होती है। शिक्षक कोई भी हो उसका हर स्थान पर सम्मान होता है।

विद्वान की हर स्थान पर पूजा होती है। शिक्षक कोई भी हो उसका हर स्थान पर सम्मान होता है।

वृद्ध सेवा अर्थात ज्ञानियों की सेवा से ही ज्ञान प्राप्त होता है।

वृद्ध सेवा अर्थात ज्ञानियों की सेवा से ही ज्ञान प्राप्त होता है।

शिकारपरस्त राजा धर्म और अर्थ दोनों को नष्ट कर लेता है।

शिकारपरस्त राजा धर्म और अर्थ दोनों को नष्ट कर लेता है।

ढेकुली नीचे सिर झुकाकर ही कुँए से जल निकालती है अर्थात कपटी या पापी व्यक्ति सदैव मधुर वचन बोलकर अपना काम निकालते हैं।

ढेकुली नीचे सिर झुकाकर ही कुँए से जल निकालती है अर्थात कपटी या पापी व्यक्ति सदैव मधुर वचन बोलकर अपना काम निकालते हैं।

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