297 Quotes by Aacharya Chanakya in Hindi -) Chanakya Niti Lines

दंड से सम्पदा का आयोजन होता है।

दंड से सम्पदा का आयोजन होता है।

फूलों की खुशबू हवा की दिशा में ही फैलती है, लेकिन एक व्यक्ति की अच्छाई चारों तरफ फैलती है।

फूलों की खुशबू हवा की दिशा में ही फैलती है, लेकिन एक व्यक्ति की अच्छाई चारों तरफ फैलती है।

जैसे हाथी बूढ़ा होने पर भी चंचल रहता है, गन्ना कोल्हू में पीडे जाने पर भी अपनी मिठास नहीं छोड़ता और सोना आग में तपने के बाद भी अपनी चमक नहीं खोता इसी प्रकार से अच्छे चरित्र वाले लोग कहीं भी चले जाएं वह अपने गुणों को नहीं छोड़ते।

जैसे हाथी बूढ़ा होने पर भी चंचल रहता है, गन्ना कोल्हू में पीडे जाने पर भी अपनी मिठास नहीं छोड़ता और सोना आग में तपने के बाद भी अपनी चमक नहीं खोता इसी प्रकार से अच्छे चरित्र वाले लोग कहीं भी चले जाएं वह अपने गुणों को नहीं छोड़ते।

जीवन में कर्म और परिश्रम से ही फल मिलता है।

जीवन में कर्म और परिश्रम से ही फल मिलता है।

अर्थ का आधार राज्य है।

अर्थ का आधार राज्य है।

दंड का भय ना होने से लोग अकार्य करने लगते हैं।

दंड का भय ना होने से लोग अकार्य करने लगते हैं।

यदि धन का नाश हो जाए, मन की शांति भंग हो जाए तो इन सब बातों को बुद्धिमान लोग दूसरों को नहीं बताते। जो व्यक्ति दूसरों को बताने की भूल करते हैं, लोग उनका मजाक बनाते हैं।

यदि धन का नाश हो जाए, मन की शांति भंग हो जाए तो इन सब बातों को बुद्धिमान लोग दूसरों को नहीं बताते। जो व्यक्ति दूसरों को बताने की भूल करते हैं, लोग उनका मजाक बनाते हैं।

सत्य भी यदि अनुचित है तो उसे नहीं कहना चाहिए।

सत्य भी यदि अनुचित है तो उसे नहीं कहना चाहिए।

अपने स्थान पर बने रहने से ही मनुष्य पूजा जाता है।

अपने स्थान पर बने रहने से ही मनुष्य पूजा जाता है।

दूध के लिए हथिनी पालने की जरुरत नहीं होती अर्थात आवश्कयता के अनुसार साधन जुटाने चाहिए।

दूध के लिए हथिनी पालने की जरुरत नहीं होती अर्थात आवश्कयता के अनुसार साधन जुटाने चाहिए।

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