स्वाभिमानी व्यक्ति प्रतिकूल विचारों को सम्मुख रखकर दुबारा उन पर विचार करें।

स्वाभिमानी व्यक्ति प्रतिकूल विचारों को सम्मुख रखकर दुबारा उन पर विचार करें।

मानवता से बड़ा धर्म इस संसार में कोई नहीं है।

मानवता से बड़ा धर्म इस संसार में कोई नहीं है।

संकट में बुद्धि भी काम नहीं आती है।

संकट में बुद्धि भी काम नहीं आती है।

आलसी राजा अप्राप्त लाभ को प्राप्त नहीं करता।

आलसी राजा अप्राप्त लाभ को प्राप्त नहीं करता।

शिक्षा, यदि किसी घटिया प्राणी से भी मिले तो लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।

शिक्षा, यदि किसी घटिया प्राणी से भी मिले तो लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।

सिंह से सीखो, जो भी करना जोरदार तरीके से करना और दिल लगाकर करना।

सिंह से सीखो, जो भी करना जोरदार तरीके से करना और दिल लगाकर करना।

सतुंलित दिमाग जैसी कोई सादगी नही, संतोष जैसा कोई सुख नही, लोभ जैसी कोई बीमारी नही और दया जैसा कोई पुण्य नही है।

सतुंलित दिमाग जैसी कोई सादगी नही, संतोष जैसा कोई सुख नही, लोभ जैसी कोई बीमारी नही और दया जैसा कोई पुण्य नही है।

जो गुजर गया उसकी चिंता नहीं करनी चाहिए, ना ही भविष्य के बारे में चिंतिंत होना चाहिए। समझदार लोग केवल वर्तमान में ही जीते हैं।

जो गुजर गया उसकी चिंता नहीं करनी चाहिए, ना ही भविष्य के बारे में चिंतिंत होना चाहिए। समझदार लोग केवल वर्तमान में ही जीते हैं।

ताकतवर आदमी कभी साधु नहीं बनता, धनवान व्यक्ति कभी ब्रह्मचारी नहीं बनता, 
सेहतमंद आदमी भक्ति नहीं करता और सुंदर नारी पतिव्रता धर्म के गुण कम ही गाती है।

ताकतवर आदमी कभी साधु नहीं बनता, धनवान व्यक्ति कभी ब्रह्मचारी नहीं बनता, सेहतमंद आदमी भक्ति नहीं करता और सुंदर नारी पतिव्रता धर्म के गुण कम ही गाती है।

पृथ्वी सत्य की शक्ति द्वारा समर्थित है ये सत्य की शक्ति ही है जो सूरज को चमक और हवा को वेग देती है, दरअसल सभी चीजें सत्य पर निर्भर करती हैं।

पृथ्वी सत्य की शक्ति द्वारा समर्थित है ये सत्य की शक्ति ही है जो सूरज को चमक और हवा को वेग देती है, दरअसल सभी चीजें सत्य पर निर्भर करती हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here