देश की रक्षा के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर देना चाहिए।

देश की रक्षा के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर देना चाहिए।

जब आप किसी काम की शुरुआत करें, तो असफलता से मत डरें और उस काम को ना छोड़ें.। जो लोग ईमानदारी से काम करते हैं वो सबसे प्रसन्न होते हैं।

जब आप किसी काम की शुरुआत करें, तो असफलता से मत डरें और उस काम को ना छोड़ें.। जो लोग ईमानदारी से काम करते हैं वो सबसे प्रसन्न होते हैं।

जिस व्यक्ति का पेट भरा हुआ हो उसके लिए बढ़िया से बढ़िया भोजन भी बेकार है।

जिस व्यक्ति का पेट भरा हुआ हो उसके लिए बढ़िया से बढ़िया भोजन भी बेकार है।

जो अपने कर्म को नहीं पहचानता, वह अंधा है।

जो अपने कर्म को नहीं पहचानता, वह अंधा है।

धूर्त व्यक्ति अपने स्वार्थ के लिए दूसरों की सेवा करते हैं।

धूर्त व्यक्ति अपने स्वार्थ के लिए दूसरों की सेवा करते हैं।

अपने हाथों से किया हुआ काम सबसे श्रेष्ठ होता है, इसलिए मनुष्य को अपना हर कार्य अपने हाथों से स्वयं करना चाहिए।

अपने हाथों से किया हुआ काम सबसे श्रेष्ठ होता है, इसलिए मनुष्य को अपना हर कार्य अपने हाथों से स्वयं करना चाहिए।

जैसे एक बछड़ा हज़ारो गायों के झुंड मे अपनी माँ के पीछे चलता है। उसी प्रकार आदमी के अच्छे और बुरे कर्म उसके पीछे चलते हैं।

जैसे एक बछड़ा हज़ारो गायों के झुंड मे अपनी माँ के पीछे चलता है। उसी प्रकार आदमी के अच्छे और बुरे कर्म उसके पीछे चलते हैं।

चोर और राज कर्मचारियों से धन की रक्षा करनी चाहिए।

चोर और राज कर्मचारियों से धन की रक्षा करनी चाहिए।

जो सुख-शांति व्यक्ति को आध्यात्मिक शान्ति के अमृत से संतुष्ट होने पे मिलती है वो लालची लोगों को बेचैनी से इधर-उधर घूमने से नहीं मिलती।

जो सुख-शांति व्यक्ति को आध्यात्मिक शान्ति के अमृत से संतुष्ट होने पे मिलती है वो लालची लोगों को बेचैनी से इधर-उधर घूमने से नहीं मिलती।

अविनीत व्यक्ति को स्नेही होने पर भी मंत्रणा में नहीं रखना चाहिए।

अविनीत व्यक्ति को स्नेही होने पर भी मंत्रणा में नहीं रखना चाहिए।

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