मेरा दिल टूटा है मैं नहीं, तुम मुझे छोड़ दो अब इस बात की मुझे कोई परवाह नहीं।

मेरा दिल टूटा है मैं नहीं, तुम मुझे छोड़ दो अब इस बात की मुझे कोई परवाह नहीं।

वो मेरी परवाह नहीं करते, मुझे इस बात की परवाह नही, परवाह इस बात की है कि, वो मेरी परवाह को परवाह नहीं समझते।

वो मेरी परवाह नहीं करते, मुझे इस बात की परवाह नही, परवाह इस बात की है कि, वो मेरी परवाह को परवाह नहीं समझते।

अगर मैं दूसरों की तरह मोहब्बत में दिखावा नहीं करता, तो ये मत सोच की मैं तेरी दिल से परवाह ही नहीं करता।

अगर मैं दूसरों की तरह मोहब्बत में दिखावा नहीं करता, तो ये मत सोच की मैं तेरी दिल से परवाह ही नहीं करता।

यूँ तो न किसी से शिकायत है न ही कोई गिले शिकवे, बस दर्द इस बात का है कि उनको हमारी परवाह नहीं।

यूँ तो न किसी से शिकायत है न ही कोई गिले शिकवे, बस दर्द इस बात का है कि उनको हमारी परवाह नहीं।

बेपरवाह थी ज़िन्दगी जब तक तुम साथ थे, तुम क्या गए अब सोचते है उस बेपरवाही में कितनी परवाह थी।

बेपरवाह थी ज़िन्दगी जब तक तुम साथ थे, तुम क्या गए अब सोचते है उस बेपरवाही में कितनी परवाह थी।

हम दोनों बस ये गुनाह करते हैं, आज भी एक दूसरे की परवाह करते हैं।

हम दोनों बस ये गुनाह करते हैं, आज भी एक दूसरे की परवाह करते हैं।

हौसले की दुकान हूं मैं, अपनी नजर में महान हूं मैं, दुनिया क्या कहती है मुझें परवाह नहीं, इस धरती का गुलिस्तान हूं मैं।

हौसले की दुकान हूं मैं, अपनी नजर में महान हूं मैं, दुनिया क्या कहती है मुझें परवाह नहीं, इस धरती का गुलिस्तान हूं मैं।

मत करो परवाह अब तुम कोई रहबर ढूँढ़ लो, स्वतंत्र तुमको कर दिया है मुझसे बेहतर ढूंढ लो।

मत करो परवाह अब तुम कोई रहबर ढूँढ़ लो, स्वतंत्र तुमको कर दिया है मुझसे बेहतर ढूंढ लो।

परवाह करते करते थक सा गया हूँ, जब से बेपरवाह हुआ हूँ, तब से आराम सा हैं।

परवाह करते करते थक सा गया हूँ, जब से बेपरवाह हुआ हूँ, तब से आराम सा हैं।

मोहब्बत का कोई तराजू नहीं होता, परवाह बताती है कि प्यार कितना है।

मोहब्बत का कोई तराजू नहीं होता, परवाह बताती है कि प्यार कितना है।

मुझे नहीं परवाह सफ़र में और मुश्किलें क्या होंगी, बस एक तुम मेरी परछाई बनकर साथ चलते रहना।

मुझे नहीं परवाह सफ़र में और मुश्किलें क्या होंगी, बस एक तुम मेरी परछाई बनकर साथ चलते रहना।

मैं भी कितना पागल हूं, उससे प्यार करता हूं, जिसको मेरी परवाह ही नहीं।

मैं भी कितना पागल हूं, उससे प्यार करता हूं, जिसको मेरी परवाह ही नहीं।

हजारों गीत हैं मेरे जहन में, मगर एक खास तराना ढूंढ रहा हूँ, जहाँ परवाह हो मेरी किसी को, वो एक ठिकाना ढूंढ रहा हूँ।

हजारों गीत हैं मेरे जहन में, मगर एक खास तराना ढूंढ रहा हूँ, जहाँ परवाह हो मेरी किसी को, वो एक ठिकाना ढूंढ रहा हूँ।

तलब और मदहोशी मे गुजर गई ये जिंदगी, साथ क्या जायेगा किसी को इसकी परवाह नही।

तलब और मदहोशी मे गुजर गई ये जिंदगी, साथ क्या जायेगा किसी को इसकी परवाह नही।

हम उनकी मोहब्बत में ज़रा बेपरवाह क्या हो गये, वो हमें इल्ज़ाम-ए-लापरवाह दे गये।

हम उनकी मोहब्बत में ज़रा बेपरवाह क्या हो गये, वो हमें इल्ज़ाम-ए-लापरवाह दे गये।

अपने जज्बातों को मैंने उस मुकाम पे ला रखा है, जहां परवाह नहीं मुझे कि मेरी बात कौन करता हैं।

अपने जज्बातों को मैंने उस मुकाम पे ला रखा है, जहां परवाह नहीं मुझे कि मेरी बात कौन करता हैं।

जिंदगी में हर जज़्बात शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता, कुछ जज़्बात किसी की परवाह में अपने आप झलक जाते हैं।

जिंदगी में हर जज़्बात शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता, कुछ जज़्बात किसी की परवाह में अपने आप झलक जाते हैं।

दुनिया भूल गया मैं तुझको याद करते करते, और तु मुझे भूल गई निया कि परवाह करते करते।

दुनिया भूल गया मैं तुझको याद करते करते, और तु मुझे भूल गई निया कि परवाह करते करते।

काश तुम्हारी आग बुझा पाता मैं, काश तुम्हारे दाग मिटा पाता मैं, करनी न पड़ती परवाह ज़माने की, काश इतनी हिम्मत जुटा पाता मैं।

काश तुम्हारी आग बुझा पाता मैं, काश तुम्हारे दाग मिटा पाता मैं, करनी न पड़ती परवाह ज़माने की, काश इतनी हिम्मत जुटा पाता मैं।

ये फालतू की अफवाह मेरे अंदर फैलाओ ही मत, किसको मेरी कितनी परवाह है पता है मुझे तुम बताओ मत।

ये फालतू की अफवाह मेरे अंदर फैलाओ ही मत, किसको मेरी कितनी परवाह है पता है मुझे तुम बताओ मत।

अगर मेरे हालातों से कुछ मन में बुरा ख़याल आ जाता है, तो परवाह ना करना मुझे अपनी हद में रहना आता है।

अगर मेरे हालातों से कुछ मन में बुरा ख़याल आ जाता है, तो परवाह ना करना मुझे अपनी हद में रहना आता है।

जो कभी भी मेरा परवाह नहीं करती थी, आज मेरे बेपरवाह होने पर परेशान है।

जो कभी भी मेरा परवाह नहीं करती थी, आज मेरे बेपरवाह होने पर परेशान है।

मसला ये नहीं है कि गम कितना है, मुद्दा तो ये है कि परवाह किसको है।

मसला ये नहीं है कि गम कितना है, मुद्दा तो ये है कि परवाह किसको है।

ख़्वाहिशें हमारी सारी गिरवी रख लो तुम, परवाह कर हमारी,बस ये शौक पूरी कर दो तुम।

ख़्वाहिशें हमारी सारी गिरवी रख लो तुम, परवाह कर हमारी,बस ये शौक पूरी कर दो तुम।

आप अपनी समझ रखते हैं, मैं अपना मिजाज रखता हूँ, आप सही समझें या गलत, मैं अब परवाह नहीं करता हूँ।

आप अपनी समझ रखते हैं, मैं अपना मिजाज रखता हूँ, आप सही समझें या गलत, मैं अब परवाह नहीं करता हूँ।

जमाना कुछ भी कहें उसकी परवाह ना कर, जिसे ज़मीर ना माने उसे सलाम ना कर।

जमाना कुछ भी कहें उसकी परवाह ना कर, जिसे ज़मीर ना माने उसे सलाम ना कर।

न मुझे वाह-वाह चाहिए, न किसी के ख्यालों में पनाह चाहिए -कैसी हो- बस यही दो शब्द की परवाह चाहिए।

न मुझे वाह-वाह चाहिए, न किसी के ख्यालों में पनाह चाहिए -कैसी हो- बस यही दो शब्द की परवाह चाहिए।

कर न कुछ ऐसा कि ज़माना करे तुम पर सवालात, खुद की परवाह नहीं बस फिक्रमंद हैं तेरे ख़ातिर मेरे जज़्बात।

कर न कुछ ऐसा कि ज़माना करे तुम पर सवालात, खुद की परवाह नहीं बस फिक्रमंद हैं तेरे ख़ातिर मेरे जज़्बात।

मतलबी सिर्फ मैं नहीं सारा जहाँ है, फिक्र और परवाह किसी को किसी की भी कहाँ है।

मतलबी सिर्फ मैं नहीं सारा जहाँ है, फिक्र और परवाह किसी को किसी की भी कहाँ है।

कौन करता है यहां परवाह दिले-नादान की, तोड़ना दिल एक रवायत आज है इंसान की।

कौन करता है यहां परवाह दिले-नादान की, तोड़ना दिल एक रवायत आज है इंसान की।

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