ज़िंदगी एक अनमोल तोहफ़ा है, जो हर इंसान को सिर्फ़ एक बार मिलता है। यह कभी धूप है तो कभी छाँव, कभी हँसी है तो कभी आँसू। ज़िंदगी का हर पल हमें कुछ नया सिखाता है, बस ज़रूरत है उसे समझने और जीने की। इस पोस्ट में हमने ज़िंदगी पर 100 से ज़्यादा बेहतरीन और बिल्कुल नई शायरियाँ लिखी हैं, जो आपके दिल को छू जाएँगी। ये शायरियाँ जीवन के हर रंग को बयान करती हैं — खुशी, ग़म, संघर्ष, उम्मीद, मेहनत और कामयाबी। पढ़िए, महसूस कीजिए और अपने दोस्तों व अपनों के साथ ज़रूर शेयर कीजिए।
1.
ज़िंदगी इक सफ़र है अनजान राहों का,
हर मोड़ पर मिलता है एक नया सबक़ ज़माने का,
जो चलता रहा मुस्कुराते हुए,
उसी ने पाया असली मतलब ज़िंदगानी का।
2.
ज़िंदगी की राहों में धूप भी है छाँव भी,
हर मुश्किल के पीछे छिपा है एक नया दाँव भी,
हार मान लेना कभी फ़ितरत नहीं हमारी,
क्योंकि हर रात के बाद आता है नया सवेरा भी।
3.
कभी हँसाती है ज़िंदगी, कभी रुलाती है,
कभी गले लगाती है, कभी दूर भगाती है,
मगर जो सीख ले हर पल से कुछ नया,
वही इंसान ज़िंदगी को सही मायनों में जी पाता है।
4.
ज़िंदगी इक दरिया है, बहता ही जाता है,
रुकने का नाम नहीं, ये रुकता कहाँ जाता है,
जो किनारे पर बैठा तमाशा देखता रहा,
वो मंज़िल का नज़ारा कभी पा न सका।
5.
छोटी सी है ज़िंदगी, इसे हँस के बिताओ,
ग़म के बादलों को आँसुओं से न भिगाओ,
जो आज है वो कल नहीं होगा,
इसलिए हर पल को खुल के जियो और मुस्कुराओ।
6.
ज़िंदगी में उलझनें हज़ार आएँगी,
राहें काँटों भरी भी नज़र आएँगी,
मगर हिम्मत न हारना ऐ दोस्त,
कामयाबी एक दिन ज़रूर मुस्कुराएगी।
7.
वक़्त के साथ बदलती है ज़िंदगी की तस्वीर,
कल जो था अनजान, आज वही है तक़दीर,
सब्र रखो, मेहनत करो, डटे रहो,
एक दिन ज़रूर बदलेगी तुम्हारी तक़दीर।
8.
ज़िंदगी का हर दिन एक नया इम्तिहान है,
जो डट कर लड़े वही असली इंसान है,
गिर कर उठना ही तो जीवन कहलाता है,
वरना ज़मीन पर पड़े रहना आसान है।
9.
खुशियाँ बाँटने से बढ़ती हैं, ये जान लो,
ग़म बाँटने से घटते हैं, ये मान लो,
ज़िंदगी का यही तो सबसे बड़ा उसूल है,
प्यार बाँटो, नफ़रत को दिल से निकाल लो।
10.
ज़िंदगी इक पहेली है, सुलझानी पड़ती है,
हर सवाल का जवाब खुद ही ढूँढना पड़ता है,
जो हार मान लेता है बीच राह में,
वो मंज़िल का नज़ारा कभी देख नहीं पाता है।
11.
सुबह की किरण कहती है उठो और चलो,
ज़िंदगी की राहों में नया सफ़र तय करो,
जो सोता रहा वो खोता रहा,
जो जागा वही तो मंज़िल को पा सका।
12.
ज़िंदगी में कभी धूप तो कभी घटा छाएगी,
कभी खुशी मिलेगी तो कभी ग़म की रात आएगी,
मगर ये याद रखो ऐ हमसफ़र,
हर अँधेरी रात के बाद सुबह ज़रूर आएगी।
13.
दिल में अरमान हज़ार लिए चलते हैं,
ज़िंदगी की डगर पर मुस्कुराते चलते हैं,
मंज़िल मिले न मिले, ये तो नसीब की बात है,
हम तो बस अपना फ़र्ज़ निभाते चलते हैं।
14.
ज़िंदगी एक खेल है, हार-जीत का मेल है,
कभी खुशी का सावन, कभी ग़म का झेल है,
जो खेल को खेल समझ कर खेलता है,
वही तो असली खिलाड़ी, वही तो बेमिसाल है।
15.
रात कितनी भी लंबी हो, सुबह ज़रूर आती है,
ज़िंदगी कितनी भी कठिन हो, राह ज़रूर मिलती है,
बस हौसला बुलंद रखो ऐ दोस्त,
क़िस्मत भी एक दिन ज़रूर मुस्कुराती है।
16.
ज़िंदगी के सफ़र में हमसफ़र मिलते हैं,
कोई दिल से जुड़ता है, कोई बिछड़ते हैं,
मगर हर रिश्ता कुछ सिखा जाता है,
यही तो ज़िंदगी के असली रंग कहलाते हैं।
17.
फूलों की तरह महकती है ज़िंदगी,
काँटों की तरह चुभती भी है ज़िंदगी,
जो फूलों की खुशबू में खोया रहा,
वो काँटों के दर्द को भूल गया।
18.
ज़िंदगी इक आईना है, जैसा देखोगे वैसा दिखेगा,
मुस्कुराओगे तो ये भी मुस्कुराएगा,
रोओगे तो ये भी आँसू बहाएगा,
इसलिए हर पल खुश रहना सीखो।
19.
मंज़िल की तलाश में भटकते रहे,
ज़िंदगी के मेले में अटकते रहे,
एक दिन समझ आया ऐ दोस्त,
मंज़िल तो सफ़र में ही छिपी होती है।
20.
ज़िंदगी की किताब के पन्ने पलटते जाओ,
हर पन्ने से कुछ नया सीखते जाओ,
जो बीत गया उसे भूल जाओ,
जो आने वाला है उसका स्वागत करो।
21.
धूप-छाँव का खेल है ये ज़िंदगी,
कभी मीठी तो कभी कड़वी है ये ज़िंदगी,
जो हर रंग को गले लगाता है,
वही तो ज़िंदगी को सही मायने में जीता है।
22.
ज़िंदगी में कभी-कभी ठहरना भी ज़रूरी है,
भागदौड़ से हटकर सोचना भी ज़रूरी है,
जो पल आज हाथ में है उसे जियो,
कल का क्या भरोसा, ये भी ज़रूरी है।
23.
आँसुओं में भी छिपी होती है एक मुस्कान,
ग़म के बादलों में भी छिपा होता है आसमान,
ज़िंदगी यूँ ही चलती रहती है,
बस हिम्मत न हारना, यही है पहचान।
24.
ज़िंदगी का मतलब सिर्फ़ साँस लेना नहीं,
हर पल को जी भर के जीना है,
जो पल बीत गया वो लौट कर न आएगा,
इसलिए आज को कल पर न टालना है।
25.
सपनों के पंख लगाकर उड़ना सीखो,
ज़िंदगी की ऊँचाइयों को छूना सीखो,
गिरोगे तो क्या हुआ, फिर उठो,
यही तो ज़िंदगी का सबसे बड़ा सबक़ है।
26.
ज़िंदगी इक समंदर है, लहरें आती-जाती हैं,
कभी किनारा मिलता है, कभी तूफ़ान आते हैं,
मगर जो तैरना जानता है,
वो हर तूफ़ान से पार हो जाता है।
27.
छोटी-छोटी खुशियों में बड़ी खुशी छिपी है,
ज़िंदगी की हर घड़ी में कोई सीख छिपी है,
जो छोटी खुशियों को नज़रअंदाज़ करता है,
वो बड़ी खुशी को भी तरसता रहता है।
28.
ज़िंदगी के रास्ते कभी सीधे नहीं होते,
मंज़िल तक पहुँचने के रास्ते आसान नहीं होते,
मगर जो हिम्मत से चलता रहता है,
उसके लिए रास्ते खुद-ब-खुद बनते जाते हैं।
29.
कल की फ़िक्र में आज को न गँवाओ,
आने वाले कल के डर से न घबराओ,
ज़िंदगी आज में जीने का नाम है,
कल क्या होगा, ये सोचकर न पछताओ।
30.
ज़िंदगी इक तोहफ़ा है खुदा का,
इसे सँभाल कर रखना ऐ बंदे खुदा का,
हर साँस में शुक्र अदा करो,
यही तो सबसे बड़ा इबादत है ज़िंदगी का।
31.
ज़िंदगी की राह में अकेले चलना पड़ता है,
कभी-कभी खुद से ही लड़ना पड़ता है,
मगर जो खुद पर भरोसा रखता है,
वो हर मुश्किल से लड़कर जीतता है।
32.
मुस्कुराहट सबसे बड़ा हथियार है,
ज़िंदगी की हर जंग में ये काम आता है,
जो मुस्कुराकर ग़म को हरा देता है,
वही तो ज़िंदगी का सिकंदर कहलाता है।
33.
ज़िंदगी में प्यार से बड़ा कोई धन नहीं,
अपनों के साथ से बड़ा कोई सुख नहीं,
जो अपनों को वक़्त देता है,
वही तो ज़िंदगी का असली अमीर है।
34.
वक़्त बड़ा बलवान है, ये सबको सिखाता है,
कभी हँसाता है तो कभी रुलाता है,
मगर वक़्त के साथ जो बदलना सीख लेता है,
वही ज़िंदगी की दौड़ में आगे निकलता है।
35.
ज़िंदगी इक बग़ीचा है, इसे सँवारना पड़ता है,
नफ़रत के काँटे निकालने पड़ते हैं,
प्यार के फूल लगाने पड़ते हैं,
तभी ये बग़ीचा महकता है।
36.
ग़म की रात कितनी भी काली हो,
उम्मीद का दिया जलाए रखो,
ज़िंदगी में उजाला ज़रूर होगा,
बस हौसले को बुझने न दो।
37.
ज़िंदगी के हर मोड़ पर इम्तिहान होगा,
कभी खुशी तो कभी ग़म का मेहमान होगा,
मगर जो सब्र से काम लेता है,
उसका हर इम्तिहान आसान होगा।
38.
सपने देखना बुरी बात नहीं,
सपनों को पूरा करना ही ज़िंदगी है,
जो सपने देखकर सो जाता है,
वो ज़िंदगी की दौड़ में पीछे रह जाता है।
39.
ज़िंदगी में ठोकरें खाकर ही इंसान सीखता है,
गिर-गिर कर ही चलना सीखता है,
जो ठोकरों से डरकर बैठ जाता है,
वो मंज़िल तक कभी पहुँच नहीं पाता है।
40.
खुदा ने दी है ज़िंदगी, इसे बेकार न जाने दो,
हर पल को कीमती समझो, इसे यूँ न गँवाने दो,
जो वक़्त बीत गया वो लौटेगा नहीं,
इसलिए आज को भरपूर जियो।
41.
ज़िंदगी की डगर पर चलते रहो,
मुश्किलों से कभी न डरते रहो,
मंज़िल एक दिन ज़रूर मिलेगी,
बस हिम्मत से बढ़ते रहो।
42.
दिल में उम्मीद की शम्मा जलाए रखो,
ज़िंदगी के अँधेरों को मिटाए रखो,
जो उम्मीद का दामन थामे रहता है,
वो हर मुश्किल को आसान बनाए रखता है।
43.
ज़िंदगी इक नग़मा है, इसे गुनगुनाते रहो,
हर धुन में खुशी के रंग भरते रहो,
जो ग़म के सुरों में खो जाता है,
वो खुशी की धुन कभी सुन नहीं पाता है।
44.
अपनों का साथ ही सबसे बड़ी दौलत है,
ज़िंदगी में प्यार ही सबसे बड़ा सहारा है,
जो अपनों से दूर रहता है,
वो दौलत होते हुए भी गरीब कहलाता है।
45.
ज़िंदगी के सफ़र में रुकना मना है,
मुश्किलों से डरकर झुकना मना है,
जो चलता रहता है बिना रुके,
उसी को मंज़िल का पता मिलता है।
46.
सुबह का सूरज नई उम्मीद लेकर आता है,
ज़िंदगी को नया पैग़ाम देकर जाता है,
जो हर सुबह को नई शुरुआत समझता है,
वही ज़िंदगी में आगे बढ़ता जाता है।
47.
ज़िंदगी में कभी हार तो कभी जीत होगी,
कभी खुशी तो कभी ग़म की रीत होगी,
मगर हार से घबराना नहीं,
क्योंकि हार के बाद ही जीत होती है।
48.
दिल को बड़ा रखो, सोच को ऊँचा रखो,
ज़िंदगी में हर पल को सच्चा रखो,
जो दिल से अच्छा सोचता है,
उसकी ज़िंदगी में खुशियाँ बरसती हैं।
49.
ज़िंदगी इक कहानी है, हर दिन एक नया किस्सा,
कभी हँसी का तो कभी आँसुओं का हिस्सा,
जो हर किस्से को दिल से जीता है,
वही कहानी का असली हीरो कहलाता है।
50.
मेहनत का फल मीठा होता है,
ज़िंदगी में यही तो उसूल होता है,
जो मेहनत से जी चुराता है,
वो कामयाबी से दूर रहता है।
51.
ज़िंदगी के रंग हज़ार हैं,
हर रंग में कोई न कोई बात है,
जो हर रंग को अपनाता है,
वही ज़िंदगी को सजाता है।
52.
कभी-कभी खामोशी भी बहुत कुछ कह जाती है,
ज़िंदगी के कई राज़ खोल जाती है,
जो खामोशी को समझना सीख लेता है,
वो ज़िंदगी को गहराई से जान लेता है।
53.
ज़िंदगी में जो मिला उसे ग़नीमत जानो,
जो न मिला उसकी फ़िक्र में न जान गँवाओ,
शुक्रगुज़ार रहो हर नेमत पर,
यही तो ज़िंदगी जीने का सलीक़ा है।
54.
राहें मुश्किल हैं मगर मंज़िल हसीन है,
ज़िंदगी की हर सुबह नई उम्मीद भरी है,
जो मुश्किलों से लड़ना जानता है,
उसकी तक़दीर भी उस पर मेहरबान है।
55.
ज़िंदगी इक तोहफ़ा है, इसे खोलकर देखो,
हर पल में छिपी खुशी को महसूस करो,
जो आज को जीना भूल जाता है,
वो कल को पछताता रह जाता है।
56.
दुःख-सुख का चक्र चलता रहता है,
ज़िंदगी का पहिया घूमता रहता है,
जो दुःख में भी मुस्कुराना जानता है,
वही सुख को भी सँभालना जानता है।
57.
ज़िंदगी की राहों में फूल भी हैं काँटे भी,
खुशियों के साथ ग़म के भी साथी हैं,
जो दोनों को गले लगाता है,
वही ज़िंदगी का मर्म समझ पाता है।
58.
अपने सपनों को हक़ीक़त बनाना है,
ज़िंदगी में कुछ कर दिखाना है,
जो ठान लेता है दिल से,
उसे मंज़िल ज़रूर मिलती है।
59.
ज़िंदगी में वक़्त सबसे कीमती है,
जो वक़्त को बर्बाद करता है वो पछताता है,
वक़्त की क़द्र करना सीखो,
यही तो कामयाबी का पहला उसूल है।
60.
हँसते-हँसते ज़िंदगी बितानी है,
ग़म को भी गले लगाना है,
जो हँसी को हथियार बनाता है,
वो हर जंग जीत जाता है।
61.
ज़िंदगी इक दरख़्त है, जड़ें मज़बूत रखो,
तूफ़ान आएँगे मगर डटे रहो,
जो जड़ों से जुड़ा रहता है,
वो हर तूफ़ान में भी हरा-भरा रहता है।
62.
कल की चिंता छोड़ो, आज में जियो,
ज़िंदगी के हर पल को खुलकर जियो,
जो आज को पूरी तरह जीता है,
उसका कल भी सुनहरा होता है।
63.
ज़िंदगी में इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं,
प्यार से बड़ी कोई इबादत नहीं,
जो दूसरों के काम आता है,
वही तो असली इंसान कहलाता है।
64.
मुश्किलें आती हैं, जाती हैं,
ज़िंदगी यूँ ही चलती रहती है,
जो मुश्किलों में भी न घबराए,
वही तो ज़िंदगी का बादशाह कहलाए।
65.
ज़िंदगी का हर लम्हा अनमोल है,
इसे बेकार न जाने दो,
जो लम्हा बीत गया वो इतिहास है,
जो आने वाला है वो तुम्हारे हाथ है।
66.
सब्र का फल मीठा होता है,
ज़िंदगी में यही तो सीख होती है,
जो जल्दबाज़ी में फ़ैसले लेता है,
वो अक्सर पछताता रहता है।
67.
ज़िंदगी इक आईने की तरह है,
जैसा चेहरा बनाओगे वैसा दिखेगा,
मुस्कान सजाओगे तो मुस्कान मिलेगी,
यही तो ज़िंदगी का दस्तूर है।
68.
अँधेरे से न डरो, उजाला पास है,
ज़िंदगी की हर रात के बाद सवेरा है,
जो अँधेरे में भी उम्मीद न छोड़े,
उसका हर सवेरा सुनहरा है।
69.
ज़िंदगी में कभी-कभी हारना भी ज़रूरी है,
हार से ही जीत का मतलब समझ आता है,
जो कभी हारा नहीं,
वो जीत की क़ीमत क्या जाने।
70.
दिल में जज़्बा हो तो मंज़िल दूर नहीं,
हौसला बुलंद हो तो राह कठिन नहीं,
ज़िंदगी उन्हीं की गुलाम होती है,
जो हिम्मत से काम लेते हैं।
71.
ज़िंदगी के मेले में तमाशा बहुत है,
हर चेहरे के पीछे कोई किस्सा बहुत है,
जो दूसरों के दर्द को समझता है,
वही तो इंसानियत का फ़रिश्ता है।
72.
फूल खिलते हैं, मुरझाते भी हैं,
ज़िंदगी में उतार-चढ़ाव आते भी हैं,
मगर जो हर हाल में खिलता रहता है,
वही तो ज़िंदगी का असली फूल है।
73.
ज़िंदगी इक सफ़ीना है, लहरों से लड़ना है,
तूफ़ानों में भी किनारा ढूँढना है,
जो डूबने से डरता है,
वो समंदर की गहराई क्या जाने।
74.
खुश रहना भी एक कला है,
ज़िंदगी को जीना भी एक हुनर है,
जो हर हाल में खुश रहता है,
वही तो ज़िंदगी का कलाकार है।
75.
ज़िंदगी में माँ-बाप से बड़ा कोई सहारा नहीं,
उनकी दुआओं से बड़ी कोई दौलत नहीं,
जो माँ-बाप की सेवा करता है,
उसकी ज़िंदगी में कभी कमी नहीं होती।
76.
वक़्त के पंखों पर सवार है ज़िंदगी,
कब बीत जाए पता ही नहीं चलता,
जो वक़्त की क़द्र करता है,
वही ज़िंदगी को सही मायने में जीता है।
77.
ज़िंदगी की पाठशाला में हर दिन नई सीख है,
हर ठोकर में छिपी कोई न कोई रीत है,
जो सीखने का जज़्बा रखता है,
वही ज़िंदगी का सबसे बड़ा विद्यार्थी है।
78.
दोस्ती ज़िंदगी का सबसे हसीन तोहफ़ा है,
सच्चे दोस्त से बड़ा कोई सहारा नहीं,
जो दोस्ती निभाना जानता है,
वही ज़िंदगी को महकाना जानता है।
79.
ज़िंदगी में कभी ग़ुरूर न करना,
वक़्त बदलते देर नहीं लगती,
जो आज ऊँचाई पर है,
कल वही ज़मीन पर भी हो सकता है।
80.
मेहनत की रोटी में जो स्वाद है,
वो किसी दावत में नहीं,
ज़िंदगी में पसीने की कमाई,
ही सबसे बड़ी कमाई है।
81.
ज़िंदगी इक गीत है, सुर-ताल से गाओ,
हर बोल में मोहब्बत के रंग भर जाओ,
जो ग़म के सुर छेड़ता रहता है,
वो खुशी का तराना कभी गा नहीं पाता है।
82.
रिश्तों की डोर नाज़ुक होती है,
ज़िंदगी में यही तो सबसे कीमती होती है,
जो रिश्तों को सँभालना जानता है,
वही ज़िंदगी को सँवारना जानता है।
83.
ज़िंदगी के आँगन में उम्मीद के दीये जलाओ,
ग़म के अँधेरों को दूर भगाओ,
जो उम्मीद का दामन थामे रहता है,
उसका आँगन हमेशा रोशन रहता है।
84.
कभी हार न मानो, यही तो जीवन है,
मुश्किलों से लड़ना ही तो जीवन है,
जो हार मान लेता है,
वो जीवन का मतलब ही भूल जाता है।
85.
ज़िंदगी में सच्चाई से बड़ा कोई साथी नहीं,
झूठ की नींव पर महल नहीं बनते,
जो सच के रास्ते पर चलता है,
उसकी मंज़िल कभी दूर नहीं होती।
86.
बचपन की यादें ज़िंदगी का ख़ज़ाना हैं,
वो मासूमियत के दिन कितने सुहाने हैं,
जो बचपन को याद करके मुस्कुराता है,
वो ज़िंदगी के ग़म भूल जाता है।
87.
ज़िंदगी इक इम्तिहान है, डटकर दो,
मुश्किलों से कभी न डरो,
जो इम्तिहान में डटकर लड़ता है,
वही कामयाबी का सेहरा बाँधता है।
88.
प्यार बाँटो, नफ़रत मिटाओ,
ज़िंदगी को खूबसूरत बनाओ,
जो प्यार के रंग में रंगा है,
वही तो ज़िंदगी का असली रंग जानता है।
89.
ज़िंदगी की शाम ढलने से पहले,
कुछ अच्छा कर जाओ,
जो दूसरों के दिलों में जगह बनाता है,
वही तो अमर कहलाता है।
90.
हौसलों की उड़ान भरना सीखो,
ज़िंदगी के आसमान को छूना सीखो,
जो ज़मीन पर ही रहना चाहता है,
वो आसमान की बुलंदी क्या जाने।
91.
ज़िंदगी में कभी-कभी अकेलापन भी अच्छा है,
खुद से मुलाक़ात का ये मौक़ा अच्छा है,
जो अकेले में खुद को पहचान लेता है,
वही भीड़ में भी अपनी पहचान बनाता है।
92.
सूरज डूबता है तो चाँद निकलता है,
ज़िंदगी में हर अंत एक नई शुरुआत है,
जो अंत को अंत समझकर रुक जाता है,
वो नई शुरुआत का मज़ा क्या जाने।
93.
ज़िंदगी के सफ़र में मंज़िल से ज़्यादा,
सफ़र का मज़ा लेना सीखो,
जो मंज़िल की धुन में सफ़र भूल जाता है,
वो ज़िंदगी का असली आनंद खो देता है।
94.
दिल साफ़ रखो, नियत नेक रखो,
ज़िंदगी में हर काम सच्चा रखो,
जो नियत का साफ़ होता है,
उसकी राहें खुद-ब-खुद आसान होती हैं।
95.
ज़िंदगी इक वरदान है, इसे व्यर्थ न गँवाओ,
हर साँस में नई उम्मीद जगाओ,
जो ज़िंदगी की क़द्र करता है,
वही तो ज़िंदगी का हक़दार कहलाता है।
96.
ग़म के साए में भी खुशी ढूँढो,
ज़िंदगी के हर पल में कोई राज़ ढूँढो,
जो ग़म में भी मुस्कुराना जानता है,
वही तो ज़िंदगी जीना जानता है।
97.
ज़िंदगी की डोर ऊपर वाले के हाथ है,
हम तो बस कठपुतली हैं उसके साथ हैं,
जो उसकी रज़ा में राज़ी रहता है,
उसकी ज़िंदगी में कभी कोई ग़म नहीं रहता।
98.
मुस्कान बाँटने से कभी कम नहीं होती,
खुशियाँ बाँटने से दोगुनी होती हैं,
ज़िंदगी का यही तो गणित है,
जो बाँटता है वही पाता है।
99.
ज़िंदगी में कभी पीछे मुड़कर न देखो,
बीते कल के ग़म में न उलझो,
आगे बढ़ो, नया सवेरा तुम्हारा इंतज़ार कर रहा है,
यही तो ज़िंदगी का पैग़ाम है।
100.
सपनों की दुनिया में खोना भी ज़रूरी है,
हक़ीक़त की ज़मीन पर उतरना भी ज़रूरी है,
जो दोनों का संतुलन साध लेता है,
वही ज़िंदगी को कामयाब बनाता है।
101.
ज़िंदगी इक तमाशा है, किरदार निभाते जाओ,
हर रोल में अपनी छाप छोड़ते जाओ,
जो किरदार दिल से निभाता है,
वही तो ज़िंदगी का हीरो कहलाता है।
102.
वक़्त की आँधी में भी डटे रहो,
ज़िंदगी के तूफ़ान में भी अड़े रहो,
जो तूफ़ानों से टकराना जानता है,
वही किनारे तक पहुँचना जानता है।
103.
ज़िंदगी में छोटी-छोटी बातों पर न लड़ो,
अपनों से कभी मुँह न मोड़ो,
जो अपनों को माफ़ करना जानता है,
वही दिल का बादशाह कहलाता है।
104.
हर सुबह नई उम्मीद लेकर आती है,
ज़िंदगी को नया मौक़ा दे जाती है,
जो हर सुबह को ग़नीमत समझता है,
वही ज़िंदगी में कामयाब होता है।
105.
ज़िंदगी का सफ़र यूँ ही चलता रहेगा,
धूप-छाँव का खेल यूँ ही चलता रहेगा,
बस तुम मुस्कुराते रहो ऐ दोस्त,
क्योंकि मुस्कुराहट ही ज़िंदगी का सबसे बड़ा सहारा है।
ज़िंदगी वाकई एक खूबसूरत सफ़र है, जिसमें खुशी और ग़म दोनों का अपना-अपना मक़ाम है। जो इंसान हर हाल में मुस्कुराना सीख लेता है, वही ज़िंदगी का असली मतलब समझ पाता है। उम्मीद है कि ये शायरियाँ आपके दिल को छू गई होंगी और आपको ज़िंदगी जीने की नई प्रेरणा मिली होगी। इन्हें अपने दोस्तों और अपनों के साथ ज़रूर शेयर करें, ताकि खुशियाँ बाँटने का ये सिलसिला चलता रहे।
