दोस्ती एक ऐसा अनमोल रिश्ता है, जो खून के रिश्तों से नहीं, बल्कि दिल के रिश्तों से बनता है। ये वो बंधन है जिसे हम खुद चुनते हैं, और जो ज़िंदगी भर हमारा साथ निभाता है। सच्चा दोस्त वो होता है जो हमारी खुशियों में हमारे साथ हंसता है और हमारे दुख में हमारे आंसू पोंछता है। बचपन की गलियों से लेकर ज़िंदगी के हर मोड़ तक, दोस्त ही वो साथी होते हैं जो हमें कभी अकेला नहीं छोड़ते। इस पोस्ट में हमने दोस्ती पर 100 से ज़्यादा बेहतरीन शायरियां लिखी हैं, जिन्हें आप अपने दोस्तों के साथ शेयर कर सकते हैं, या अपने व्हाट्सऐप स्टेटस पर लगा सकते हैं। दोस्ती पर शायरी लिखना और पढ़ना दोनों ही दिल को सुकून देते हैं, क्योंकि हर शेर में कोई न कोई अपना चेहरा नज़र आता है। तो चलिए, इस दोस्ती के जश्न में डूब जाते हैं और इन 100 खूबसूरत शायरियों के साथ अपने यारों को याद करते हैं।
दोस्ती वो रिश्ता है जिसे हमने खुद चुना है,
खून का नहीं पर जान से भी प्यारा माना है।
सच्चे दोस्त वो होते हैं जो आंसुओं में हंसी ढूंढ लें,
हर ग़म को बांटकर खुशियों में बदल दें।
बचपन के वो दिन कितने सुहाने थे,
जब दोस्तों के साथ हर पल दीवाने थे।
दोस्त मिले तो ज़िंदगी गुलज़ार हो गई,
हर मुश्किल घड़ी आसान और प्यार हो गई।
मांगी थी दुआ हमने खुदा से एक बार,
मिला दोस्त ऐसा जो है सबसे खास यार।
दोस्ती में न कोई शर्त होती है, न कोई हिसाब,
बस दिल से दिल का होता है ये पाक इज़हार।
तू मेरा दोस्त है, मेरी जान है, मेरा गुरूर है,
तेरे बिना ज़िंदगी अधूरी, हर खुशी अधूरी है।
पुराने दोस्तों की महफिल में बैठो कभी,
वक़्त थम जाता है, यादें जीवंत हो जाती हैं।
दोस्त वो जो बिन बोले समझ जाए दिल की बात,
हो साथ हर कदम, हर दिन और हर रात।
हंसी-मज़ाक में उड़ा दिया हमने हर ग़म को,
दोस्तों के साथ बिताया हर लम्हा हमने।
तेरी दोस्ती मेरी दौलत है, मेरा ख़ज़ाना है,
तेरे जैसा यार मिलना खुदा का करिश्मा है।
सच्ची दोस्ती कभी टूटती नहीं, कभी रूठती नहीं,
ये तो वक़्त के साथ और भी गहरी होती जाती है।
बचपन में जो शरारतें की थीं साथ मिलकर,
आज भी याद आती हैं वो हंसी ठहाकों वाली रातें।
दोस्त के बिना चाय भी अधूरी लगती है,
महफिल भी सूनी, हर बात अधूरी लगती है।
मुश्किल में जो साथ दे, वही सच्चा दोस्त है,
बाकी सब तो मतलब के यार, वक़्त के मेहमान हैं।
तेरी यारी ने सिखाया मुझे जीना हर पल,
ग़म को भुलाकर हंसना, हर दिन बनाना सफल।
दोस्ती का ये बंधन कभी पुराना नहीं होता,
दिलों का ये रिश्ता कभी बेगाना नहीं होता।
यारों के साथ बिताए लम्हे कभी भुलाए नहीं जाते,
वो हंसी, वो बातें, वो पुराने किस्से याद आते हैं।
तू है तो हर मुश्किल आसान लगती है,
तेरी दोस्ती में ज़िंदगी जन्नत सी लगती है।
दोस्त वो आईना है जो सच दिखाता है,
ग़लत राह पर चलो तो टोक भी जाता है।
सच्चे दोस्त की पहचान मुश्किल वक़्त में होती है,
खुशियों में तो हर कोई साथ खड़ा होता है।
तेरे साथ बिताया हर पल मेरी पूंजी है,
दोस्ती तेरी मेरी ज़िंदगी की सबसे बड़ी खुशी है।
बचपन के दोस्त वो होते हैं जो दिल के करीब हैं,
दूर रहकर भी हर पल यादों में हाज़िर हैं।
यारी में न कोई बड़ा, न कोई छोटा होता है,
दिल मिल जाएं तो हर रिश्ता अनमोल होता है।
दोस्तों के बिना त्योहार भी फीके लगते हैं,
उनके साथ ही तो हर दिन ईद-दिवाली लगते हैं।
तेरी हंसी में छुपी है मेरी हर खुशी,
दोस्त मेरे, तू है मेरी ज़िंदगी की बंदगी।
वक़्त बदलेगा, चेहरे बदलेंगे, पर दोस्ती न बदलेगी,
ये वो दौलत है जो कभी कम न होगी।
मज़ाक में कही तेरी हर बात याद आती है,
दोस्त, तेरी यारी हर पल रुलाती-हंसाती है।
सच्चा दोस्त वो जो ग़लती पर डांटे भी,
और मुसीबत में सबसे पहले साथ खड़ा हो भी।
दोस्ती में जो मज़ा है वो कहीं और नहीं,
यारों की महफिल से बढ़कर कोई जन्नत नहीं।
तू मेरा वो दोस्त है जिस पर मुझे नाज़ है,
तेरी दोस्ती ही मेरी सबसे बड़ी आवाज़ है।
पुरानी यादों की पोटली खोलो कभी यारों,
बचपन की शरारतें फिर से जी लो यारों।
दोस्त के कंधे पर सिर रखकर रो लेना,
इससे बढ़कर कोई सुकून नहीं इस जहां में।
तेरी दोस्ती का कर्ज़ मैं कभी चुका न पाऊंगा,
जितना भी करूं, तेरे एहसान भुला न पाऊंगा।
यारों की टोली जब साथ होती है,
हर मुश्किल आसान, हर शाम खास होती है।
दोस्ती वो फूल है जो कभी मुरझाता नहीं,
सच्चे दिलों का रिश्ता कभी टूटता नहीं।
तू दूर है पर दिल के बहुत करीब है,
दोस्त मेरे, तू मेरी हर दुआ में शामिल है।
बचपन में खाए थे जो बेर साथ मिलकर,
आज भी मीठी लगती हैं वो यादें दिल को छूकर।
सच्चे दोस्त कम होते हैं, पर अनमोल होते हैं,
वो ही तो ज़िंदगी के सच्चे सहारे होते हैं।
तेरी यारी में मैंने खुद को पाया है,
दोस्त, तूने ही मुझे जीना सिखाया है।
दोस्तों के साथ बिताई हर शाम सुनहरी है,
उनकी हंसी में छुपी ज़िंदगी की हर खुशी है।
यारी का ये सफर कभी खत्म न होगा,
दिलों का ये बंधन कभी कम न होगा।
तू मेरा दोस्त नहीं, मेरा भाई है,
हर मुश्किल में तूने मेरा साथ निभाया है।
सच्ची दोस्ती में न कोई दिखावा होता है,
बस दिल से दिल का सच्चा नाता होता है।
वो चाय की दुकान, वो पुराने किस्से,
दोस्तों के बिना अधूरे हैं सारे हिस्से।
उन लम्हों को जी लो फिर से, यही तो असली खुशी है।
तेरी दोस्ती ने हर ग़म को आसान किया,
टूटे हुए दिल को फिर से इंसान किया।
दोस्त वो दवा है जो हर दर्द भुला दे,
उदास चेहरे पर फिर से मुस्कान खिला दे।
बचपन के यार आज भी दिल में बसते हैं,
दूर होकर भी ख्यालों में हर पल हंसते हैं।
यारों की महफिल में जो सुकून मिलता है,
वो कहीं और इस दुनिया में नहीं मिलता है।
तेरी दोस्ती मेरी ताक़त है, मेरी पहचान है,
दोस्त मेरे, तू ही मेरी असली जान है।
मज़ाक-मस्ती में उड़ाते हैं हम हर ग़म को,
दोस्तों के साथ जीते हैं हम हरदम को।
सच्चा दोस्त वो जो पीठ पीछे भी तारीफ करे,
और सामने आकर ग़लती पर साफ़ बात करे।
दोस्ती में जो मिठास है वो शहद से भी मीठी है,
यारों की बातों में जो बात है वो सबसे अनोखी है।
तू है तो डर कैसा, ग़म कैसा, तन्हाई कैसी,
दोस्त मेरे, तेरी यारी ही मेरी परछाई जैसी।
पुराने दोस्तों से मिलो तो वक़्त रुक जाता है,
बचपन लौट आता है, दिल मुस्कुरा जाता है।
दोस्ती का मतलब है साथ निभाना हर हाल में,
खुशी में हंसना और ग़म में रोना साथ में।
तेरी यारी के चर्चे हर महफिल में होते हैं,
दोस्त ऐसे मिलते हैं नसीब से, किस्मत से होते हैं।
बचपन की गलियों में जो खेल खेले थे,
आज भी याद हैं वो दिन जो साथ बिताए थे।
सच्चे दोस्त की दुआओं में बड़ा असर होता है,
उसकी दोस्ती में खुदा का भी करम होता है।
यारों के बिना ज़िंदगी वीरान लगती है,
उनके साथ ही हर बहार जवान लगती है।
दोस्त वो सितारा है जो अंधेरे में चमकता है,
मुश्किल घड़ी में जो सबसे पहले साथ देता है।
तेरी दोस्ती का रंग कभी फीका न पड़ेगा,
ये बंधन उम्र भर यूं ही महकेगा।
हंसी-ठहाकों में बीता बचपन याद आता है,
दोस्तों के साथ वो ज़माना याद आता है।
यारी में न कोई हिसाब, न कोई किताब होती है,
बस दिलों की सच्ची और पाक बात होती है।
तू मेरा हमराज़ है, मेरा हमसफ़र है,
हर मोड़ पर तूने मेरा साथ दिया है।
सच्ची दोस्ती कभी शर्तों पर नहीं टिकती,
ये तो बिन मांगे हर खुशी दे जाती है।
दोस्तों की टोली में जो मज़ा आता है,
वो महलों की शान में कहां आता है।
तेरी यारी ने मुझे हंसना सिखाया है,
हर ग़म को ठोकर मारकर जीना सिखाया है।
बचपन के दोस्त, जवानी के यार,
उम्र भर साथ निभाते हैं ये प्यार।
सच्ची दोस्ती का यही तो सबसे प्यारा इज़हार है।
दोस्ती वो दौलत है जो बांटने से बढ़ती है,
जितनी लुटाओ, उतनी ही ये संवरती है।
तू दूर सही, पर दिल से दूर नहीं,
दोस्त, तेरी यादों से खाली कोई लम्हा नहीं।
मुश्किल राहों में जो हाथ थाम ले,
वही सच्चा दोस्त, वही सच्चा यार कहलाए।
ऐसे यार पर कुर्बान हो जाए हर खुशी, हर बहार।
यारों की बातों में जो अपनापन है,
वो अपनों में भी कहां, ये तो अनमोल धन है।
तेरी दोस्ती में मैंने जन्नत पाई है,
दोस्त मेरे, तूने हर खुशी दिलाई है।
तेरे जैसा दोस्त मिलना मेरी किस्मत की सबसे बड़ी जीत है।
पुरानी डायरी खोलो तो यादें ताज़ा हो जाती हैं,
दोस्तों की तस्वीरें देखकर आंखें नम हो जाती हैं।
सच्चा दोस्त वो जो वक़्त पर काम आए,
मतलब के यार तो भीड़ में भी तन्हा कर जाएं।
दोस्ती की मिसाल कायम करो यारों,
दिलों को दिलों से जोड़ो, प्यार बढ़ाओ यारों।
यारी का ये दीप जलाए रखो, अंधेरों में भी उजाला फैलाओ।
तू मेरा वो यार है जो हर राज़ जानता है,
मेरी हर खुशी, हर ग़म को पहचानता है।
बचपन में जो वादे किए थे साथ निभाने के,
आज भी याद हैं वो कसमों-वादों वाले दिन।
यारों के साथ चाय की चुस्की का मज़ा ही कुछ और है,
दोस्तों की महफिल में हर ग़म का इलाज़ है।
दोस्ती में जो सुकून है वो कहीं नहीं मिलता,
यारों के बिना ये दिल कहीं नहीं खिलता।
तेरी यारी मेरी ज़िंदगी का सबसे हसीन तोहफ़ा है,
दोस्त, तू मेरी हर दुआ का सबसे प्यारा जवाब है।
सच्चे दोस्त ज़िंदगी में बहुत कम मिलते हैं,
जो मिल जाएं तो खुदा की रहमत होते हैं।
बचपन की शरारतें, जवानी की मस्ती,
दोस्तों के साथ हर पल है सबसे बड़ी हस्ती।
यारी का बंधन इतना मज़बूत होता है,
कि वक़्त भी इसके आगे झुक जाता है।
तू हंसे तो दुनिया हंसती नज़र आती है,
दोस्त, तेरी खुशी में मेरी खुशी समाई है।
दोस्तों के नाम कर दो ज़िंदगी के हर पल को,
उनके बिना अधूरी है हर खुशी, हर महफिल को।
मुश्किल में जो मुस्कुराना सिखा दे,
वही सच्चा दोस्त, वही यार कहलाए।
ग़म के सागर में जो नैया पार लगा दे, वही सच्चा हमराज़ है।
तेरी दोस्ती का एहसास हर पल साथ है,
दूर होकर भी तू मेरे दिल के पास है।
यारों की दुआओं में जो ताक़त होती है,
वो हर बला को टालने की हिम्मत होती है।
बचपन के यारों से बढ़कर कोई दौलत नहीं,
उनकी हंसी से बढ़कर कोई जन्नत नहीं।
दोस्ती वो इबादत है जो दिल से होती है,
इसमें न कोई रियाकारी, न कोई शर्त होती है।
तू मेरा आईना है, मेरी परछाई है,
हर सुख-दुख में तूने मेरा साथ निभाया है।
सच्ची यारी कभी पुरानी नहीं होती,
वक़्त के साथ ये और भी जवां होती है।
दोस्तों के साथ बिताए लम्हे अनमोल हैं,
उनकी यादें ही ज़िंदगी के सबसे प्यारे बोल हैं।
तेरी यारी ने हर मुश्किल को आसान बनाया,
टूटे हुए हौसलों को फिर से जवान बनाया।
यारों की महफिल सजाओ, ग़म भुलाओ,
दोस्ती के रंग में ज़िंदगी को रंग जाओ।
हंसी-खुशी के ये पल ही तो ज़िंदगी की असली दौलत हैं।
दोस्त वो जो बिन कहे समझ जाए,
आंखों के आंसू बिन बोले पोंछ जाए।
दिल की हर बात जो इशारों में समझ ले, वही सच्चा यार है।
तेरी दोस्ती मेरी उम्र भर की कमाई है,
दोस्त मेरे, तू ही मेरी सच्ची परछाई है।
दोस्ती का ये रिश्ता सबसे प्यारा है,
यारों के बिना सूना ये जग सारा है।
दोस्ती ज़िंदगी का सबसे खूबसूरत तोहफ़ा है, जो हमें बिना मांगे मिलता है और उम्र भर साथ निभाता है। सच्चा दोस्त वो होता है जो हमारी कमियों को जानकर भी हमें अपनाता है, और हर मोड़ पर हमारा हाथ थामे रहता है। इन शायरियों को अपने दोस्तों के साथ ज़रूर शेयर करें, उन्हें बताएं कि वो आपके लिए कितने खास हैं। क्योंकि दोस्ती जैसे रिश्ते को शब्दों में बयां करना मुश्किल है, पर एक छोटी सी शायरी भी दिलों को जोड़ने का काम कर सकती है। अपने यारों को याद करें, उनसे मिलें, और इस अनमोल रिश्ते को हमेशा संजोकर रखें। सच्चे दोस्त तक़दीर से मिलते हैं, उन्हें संभालकर रखना हमारी ज़िम्मेदारी है।