कभी जो हम से प्यार बेशुमार करते थे, कभी जो हम पर जान निसार करते थे, भरी महफ़िल में हमको बेवफा कहते हैं,जो खुद से ज़्यादा हमपर ऐतबार करते थे
छोड़ गए हमको वो अकेले ही राहों में, चल दिए रहने वो औरों की पनाहों में ,शायद मेरी चाहत उन्हें रास नहीं आई ,तभी तो सिमट गए वो गैर की बाहों में।
मोहब्बत की सजा बेमिसाल दी उसनेउदास रहने की आदत सी डाल दी उसनेमैंने जब अपना बनाना चाहा उसकोबातों-बातों में बात टाल दी उसने।
तुम्हें ग़ैरों से कब फुर्सतहम अपने ग़म से कब ख़ालीचलो बस हो चुका मिलनान तुम ख़ाली न हम ख़ाली।
मोहब्बत से रिहा होना ज़रूरी हो गया हैमेरा तुझसे जुदा होना ज़रूरी हो गया हैवफ़ा के तजुर्बे करते हुए तो उम्र गुजरीज़रा सा बेवफा होना ज़रूरी हो गया है।
साँसों की तरहतुम भी शामिल हो मुझमें….रहते भी साथ होऔर ठहरते भी नहीं…..
ये चिराग-ए-जान भी अजीब है,कि जला हुआ है अभी तलकउसकी बेवफाई की आँधियाँ तोकभी की आ के गुजर गईं।
अगर छोड़ दूँ कलम तो…तेरी यादें मर जायेँगी…!!और अगर छोड़ दूँ तेरी यादों कोतो मैं मर जाऊँगा…
अभी तक समझ नहीं पाये तेरे इन फैसलोको ऐ खुदा..!उसके हक़दार हम नहीं.. या…हमारी दुआओ में दम नहीं…
न रहा कर उदास ऐ दिलकिसी बेवफा की याद मेंवो खुश है अपनी दुनिया में!तेरा सब कुछ उजाड़ के ।
तेरे मिलने की आस न होतीतो ज़िंदगी आज यूँ उदास न होतीमिल जाती कभी तस्वीर जो तेरीतो हमको आज तेरी तलाश न होती।
मोहब्बत तो दिल से की थीदिमाग उसने लगा लिया !दिल तोड दिया मेरा उसनेऔर इल्जाम मुझपर लगा दिया !
किसी ने पूछा .दिल की खूबी क्या है???हमने कहा….हजारो ख्वाहिशों के नीचेदबकर भी धड़कता है….
बेवफा से दिल लगा लिया नादान थे हमगलती हमसे हुई क्योंकि इंसान थे हमआज जिन्हें नज़रें मिलाने में तकलीफ होती हैकुछ समय पहले उनकी जान थे हम।
एक बेवफा से प्यार का अंजाम देख लोमैं खुद ही शर्मशार हूँ उससे गिला नहींअब कह रहे हैं मेरे जनाज़े पे बैठ करयूँ चुप हो जैसे हमसे कोई वास्ता नहीं।
बंद होंठों से कुछ ना कहकरआँखों से प्यार जताते हो |जब भी आते होहम्मे हमसे ही चुरा ले जाते हो…
मैं खुद हैरान हु की तुझसेइतनी मोहब्बत क्यू है मुझेजब भी प्यार शब्द आता हैचेहरा तेरा ही याद आता है….
मुझे उसके आँचल का आशियाना न मिलाउसकी ज़ुल्फ़ों की छाँव का ठिकाना न मिला!कह दिया उसने मुझको ही बेवफा.मुझे छोड़ने के लिए कोई बहाना न मिला।
नफरत को मोहब्बत की आँखों में देखाबेरुखी को उनकी अदाओं में देखाआँखें नम हुईं और मैं रो पड़ा.जब अपने को गैरों की बाहों में देखा।
जिन फूलों को संवारा थाहमने अपनी मोहब्बत से!हुए खुशबू के काबिल तोबस गैरों के लिए महके।
मै ये नहीं कहता पग्ली कितू नहीं मिली तो जान दे दूंगा !पर एक वादा करता हूँतू मिली तो ज़िन्दगी भर साथ दूंगा !
मेरे चेहरे की हंसी हो तुम*दिल की हर ख़ुशी हो तुममेरे होंठो की मुस्कान हो तुमधड़कता है मेरा दिल जिसके लिएवो मेरी जान हो तुम !!
तुम्हारी कसम मेरे सनमअब हिम्मत नहीं हारेंगे !मर जायेंगे मगर तेरे सिवाकिसी और को नहीं चाहेंगे !
जल-जल के दिल मेरा जलन से जल रहाएक अश्क मेरे आँख में मुद्दत से पल रहाजिसका मैं कर रहा हूँ घुट-घुट के इंतजारवो बेवफा ना आई मेरा दम निकल रहा।
सब खुशियाँ तेरे नाम कर जाएंगेज़िन्दगी भी तुझ पे कुर्बान कर जाएँगेतुम रोया करोगे हमें याद कर केहम तेरे दामन में इतना प्यार भर जाऐंगे।
दिल की किताब में गुलाब उनका थारात की नींद में ख्वाब उनका थाकितना प्यार करते हो जब हम ने पूछा…मर जाएंगे तुम्हारे बिना ये जवाब उनका था|
कुछ लोग खोने को प्यार कहते हैंतो कुछ पाने को प्यार कहते हैंपर हकीक़त तो ये है,हम तो बस निभाने को प्यार कहते हैँ…
तू मुझे क्यों इतना याद आता हैतू मुझे क्यों इतना तड़पाता है,माना के ज़िन्दगी है सिर्फ तेरे लिएफिर मुझे तू क्यों इतना रुलाता है…
माना कि तू नहीं है मेरे सामनेपर तू मेरे दिल में बसता हैंमेरे हर दुख में मेरे साथ होता हैऔर हर सुख में मेरे साथ हसता है…
होती नहीं है मोहब्बत सूरत सेमोहब्बत तो दिल से होती हैसूरत उनकी खुद-ब-खुद लगती है प्यारीकदर जिनकी दिल में होती है…
तुझे क्या पता कि मेरे दिल मेंकितना प्यार है तेरे लिएजो कर दूँ बयान तोतुझे नींद से नफरत हो जाए!
आता नही था हमें इकरार करना,ना जाने कैसे सीख गये प्यार करनारुकते ना थे दो पल कभी किसी के लिएना जाने कैसे सीख गये इंतेज़ार करना!!
दर्द की जब कभी इन्तहा होती हैंदवा की जरुरत फिर कहाँ होती हैंतन्हाई, बेचैनी और बस कुछ आहेंइनमे पल कर ही मोहब्बत जवां होती हैं…
दिल नहीं लगता आपको देखे बिना ;दिल नहीं लगता आपके बारे में सोचे बिना;आँखें भर आती हैं यह सोच कर;कि किस हाल में होंगे आप हमारे बिना।
सरे राह जो उनसे नज़र मिलीतो नक़्श दिल के उभर गएहम नज़र मिला कर झिझक गएवो नज़र झुका कर चले गए।
बदल दिया है मुझेमेरे चाहने वालो ने हीवरना मुझ जैसे शख्स मेंइतनी खामोशी कहाँ थी…
वो छोड़ के गए हमेंन जाने उनकी क्या मजबूरी थीखुदा ने कहा इसमें उनका कोई कसूर नहींये कहानी तो मैंने लिखी ही अधूरी थी…
क्या अजीब था उनका मुझे छोड़ के जानासुना कुछ नहीं और कहा भी कुछ नहींकुछ इस तरह बर्बाद हुए उनकी मोहब्बत मेंलुटा भी कुछ नहीं और बचा भी कुछ नहीं।
पल-पल उसका साथ निभाते हमएक इशारे पर दुनिया छोड़ जाते हमसमन्दर के बीच में फरेब किया उसनेकहते तो किनारे पर ही डूब जाते हम।
इश्क करना तो लगता है जैसेमौत से भी बड़ी एक सजा हैक्या किसी से शिकायत करें हमजब अपनी तकदीर ही बेवफा है।
दिल से रोये मगर होंठो से मुस्कुरा बैठेयूँ ही हम किसी से वफ़ा निभा बैठेवो हमे एक लम्हा न दे पाए प्यार काऔर हम उनके लिये जिंदगी लुटा बैठे।
जो हर बात पर गिनाते हैं दूसरों का दोष,एक बार खुद के अंदर झांक लें, तो उड़ जाएंगे उनके होश।
कितना टूटा हूं किस अल्फाज में बयां करूं,सीने में दर्द आज भी उठता है तुझे याद कर कैसे बताऊं,तेरी कमी आज भी खलती है तुझे कैसे समझाऊं।
खेलते रहे वो मेरी मोहब्बत के साथ,जब दिल भर गया तो छोड़ दिया,जब मैंने जवाब मांगा तो हंसकर कह दिया,देने के लिए कुछ नहीं था, तो मैंने धोखा ही दे दिया।
साथ मेरे होकर भी वो किसी और के करीब था,जिसे अपना मान बैठे थे हम वो किसी और की तकदीर में था।
किसी से मोहब्बत मत करना ऐ दोस्त,ये दिल तोड़कर ही दम लेती है,छोड़ देते हैं बीच राह में साथ,टूटे दिल के साथ तुम्हें तन्हा छोड़ देती हैं।
ये वहम था मेरा कि तू हमसफर है मेरा,मैं चलता रहा हमेशा तेरे साथ में,और तू चलती रही किसी और की तलाश में।
नासमझ थे हम जो हर किसी पर भरोसा करते गए,लोगों ने तो पहले ही धोखा खाने की चेतावनी दी थी।
झूठ कहते हैं लोग कि इस दुनिया में एक इंसान ही दूसरे इंसान को धोखा देता है बल्किधोखा तो उस इंसान की उम्मीदें देती हैं, जो वो अक्सर दूसरों से लगाए बैठता है।
उसने धोखा दिया, तो दिल दुखा पर आंखों से एक आंसू न बहा, शायद आंखों को पहले ही उसकी मक्कारी का अंदाजा हो गया था।
जिसे टूट कर चाहा, वो एक झटके में हमें छोड़कर चले गए, इस धोखे से उबरने में हमें वर्षों लग गए।
कितनी आसानी से दूसरों को धोखा दे देते हैं लोग, खुद पर आए तो मुंह फेर लेते हैं लोग।





































































































