अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की तारीख8 मार्च

नारी तुम प्रेम हो, आस्था हो, विश्वास हो, टूटी हुई उम्मीदों की एक मात्र आस हो, हर जान का तुम ही तो आधार हो, नफरत की दुनिया में तुम ही तो प्यार हो, उठो अपने अस्तित्व को संभालो, केवल एक दिन ही नहीं हर दिन के लिए तुम खास हो। हैप्पी वूमन्स डे!

नारी तुम प्रेम हो, आस्था हो, विश्वास हो, टूटी हुई उम्मीदों की एक मात्र आस हो, हर जान का तुम ही तो आधार हो, नफरत की दुनिया में तुम ही तो प्यार हो, उठो अपने अस्तित्व को संभालो, केवल एक दिन ही नहीं हर दिन के लिए तुम खास हो। हैप्पी वूमन्स डे!

चढ़ा दो आसमान पर ऊंचे बोल बोलकर, औकात तो जूते के नीचे ही रखनी है, ये औरतें तो बेवकूफ होती हैं, बातों में प्यार ढूंढ़के ही खुश हो लेतीं हैं।

चढ़ा दो आसमान पर ऊंचे बोल बोलकर, औकात तो जूते के नीचे ही रखनी है, ये औरतें तो बेवकूफ होती हैं, बातों में प्यार ढूंढ़के ही खुश हो लेतीं हैं।

स्वयं को पहचान, तुझ में शक्ति अपार है, स्वयं को नमन कर और आगे बढ़ चल, ठोकर मार उसे जो तेरा सम्मान करना न जाने, बढ़ चल, बढ़ चल, नई राहें तेरा रस्ता तके हैं, तेरे आंचल में हैं अपार खुशियां, क्योंकि सिर्फ आज नहीं हर रोज़ तेरा दिन है। हैप्पी वूमन्स डे!

स्वयं को पहचान, तुझ में शक्ति अपार है, स्वयं को नमन कर और आगे बढ़ चल, ठोकर मार उसे जो तेरा सम्मान करना न जाने, बढ़ चल, बढ़ चल, नई राहें तेरा रस्ता तके हैं, तेरे आंचल में हैं अपार खुशियां, क्योंकि सिर्फ आज नहीं हर रोज़ तेरा दिन है। हैप्पी वूमन्स डे!

एक आदमी को पढ़ाओगे तो एक ही व्यक्ति शिक्षित होगा। एक स्त्री को पढ़ाओगे तो पूरा परिवार शिक्षित होगा।

एक आदमी को पढ़ाओगे तो एक ही व्यक्ति शिक्षित होगा। एक स्त्री को पढ़ाओगे तो पूरा परिवार शिक्षित होगा।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2021 की शुभकामनाएं।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2021 की शुभकामनाएं।

तू दुर्गा है, तू काली है, कर खप्पर-खड्ग धारी है, तू सीता है, तू लक्ष्मी है, सुख-समृद्धि घर की सारी है, तू आज की बर्बर दुनिया में, मानवता की रखवाली है। हैप्पी वुमेंस डे।

तू दुर्गा है, तू काली है, कर खप्पर-खड्ग धारी है, तू सीता है, तू लक्ष्मी है, सुख-समृद्धि घर की सारी है, तू आज की बर्बर दुनिया में, मानवता की रखवाली है। हैप्पी वुमेंस डे।

तू ना दासी है, तू ना अबला है, तू ना कल की बेचारी नारी है, स्वयं अधर्मी महिषासुर का, तू मर्दन करने वाली, तू जननी है, तू ममता है, तू भी जीने की अधिकारी है। इंटरनेशनल महिला दिवस की हार्दिक बधाई हो।

तू ना दासी है, तू ना अबला है, तू ना कल की बेचारी नारी है, स्वयं अधर्मी महिषासुर का, तू मर्दन करने वाली, तू जननी है, तू ममता है, तू भी जीने की अधिकारी है। इंटरनेशनल महिला दिवस की हार्दिक बधाई हो।

क्यों त्याग करे नारी केवल, क्यों नर दिखलाए झूठा बल, नारी जो जिद्द पर आ जाए, अबला से चण्डी बन जाए, उस पर न करो कोई अत्याचार, तो सुखी रहेगा घर-परिवार, महिला दिवस की हार्दिक बधाई।

क्यों त्याग करे नारी केवल, क्यों नर दिखलाए झूठा बल, नारी जो जिद्द पर आ जाए, अबला से चण्डी बन जाए, उस पर न करो कोई अत्याचार, तो सुखी रहेगा घर-परिवार, महिला दिवस की हार्दिक बधाई।

मेरी इज़्ज़त को भरे बाजार में यूँ उछाला न जाए, दरिंदों के मुँह में मेरे जिस्म का एक निवाला न जाए, अपनी हवस की खातिर जिसने मुझको दर्द दिए, उसको इतना दर्द हो की खुद को संभाला न जाए।

मेरी इज़्ज़त को भरे बाजार में यूँ उछाला न जाए, दरिंदों के मुँह में मेरे जिस्म का एक निवाला न जाए, अपनी हवस की खातिर जिसने मुझको दर्द दिए, उसको इतना दर्द हो की खुद को संभाला न जाए।

अब तालिबानी फरमानों का तो किसी में डर नहीं, जब पढ़ना है तो कैसे फिर स्कूल मलाला न जाए, मोमबत्तियों से अच्छा है की सब जलें मशाल से, इतना उजाला हो की फिर कभी उजाला न जाए। हैप्पी वुमेंस डे!

अब तालिबानी फरमानों का तो किसी में डर नहीं, जब पढ़ना है तो कैसे फिर स्कूल मलाला न जाए, मोमबत्तियों से अच्छा है की सब जलें मशाल से, इतना उजाला हो की फिर कभी उजाला न जाए। हैप्पी वुमेंस डे!


हर जान की तुम ही तो आधार हो, नफरत की दुनिया में तुम ही तो प्यार हो, उठो अपने अस्तित्व को संभालो, केवल एक दिन ही नहीं, हर दिन के लिए तुम खास हो। हैप्पी वुमेंस डे।

हर जान की तुम ही तो आधार हो, नफरत की दुनिया में तुम ही तो प्यार हो, उठो अपने अस्तित्व को संभालो, केवल एक दिन ही नहीं, हर दिन के लिए तुम खास हो। हैप्पी वुमेंस डे।

नारी एक मां है उसकी पूजा करो,  नारी एक बहन है उसका स्नेह करो, नारी एक भाभी है उसका आदर करो, नारी एक पत्नी है उसका प्रेम करो, नारी एक औरत है उसका सम्मान करो।

नारी एक मां है उसकी पूजा करो, नारी एक बहन है उसका स्नेह करो, नारी एक भाभी है उसका आदर करो, नारी एक पत्नी है उसका प्रेम करो, नारी एक औरत है उसका सम्मान करो।

महिला दिवस की बधाई।

महिला दिवस की बधाई।

मां है वो, बेटी है वो, बहन है वो तो कभी पत्नी है वो जीवन के हर सुख दुख में शामिल है वो, शक्ति है वो, प्रेरणा है वो नमन है उन सब नारियों को जीवन के हर मोड़ पर, हमारा साथ देती है वो। हैप्पी वुमेंस डे।

मां है वो, बेटी है वो, बहन है वो तो कभी पत्नी है वो जीवन के हर सुख दुख में शामिल है वो, शक्ति है वो, प्रेरणा है वो नमन है उन सब नारियों को जीवन के हर मोड़ पर, हमारा साथ देती है वो। हैप्पी वुमेंस डे।

तुम चहकती रहो, तुम महकती रहो, तुम प्रेरणा बनकर, चमकती रहो, कबी बेटी बनकर, कभी बहन बनकर, कभी प्रेमिका, कभी पत्नी बनकर, खुशियों की बारिश करती रहो, जीवन के इस लंबे सफर में, मां बनकर मार्गदर्शन करती रहो। महिला दिवस की शुभकामनाएं!

तुम चहकती रहो, तुम महकती रहो, तुम प्रेरणा बनकर, चमकती रहो, कबी बेटी बनकर, कभी बहन बनकर, कभी प्रेमिका, कभी पत्नी बनकर, खुशियों की बारिश करती रहो, जीवन के इस लंबे सफर में, मां बनकर मार्गदर्शन करती रहो। महिला दिवस की शुभकामनाएं!

मुस्कुराकर, दर्द भूलकर रिश्तों में बंद थी दुनिया सारी, हर पग को रोशन करने वाली वो शक्ति है एक नारी, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई!

मुस्कुराकर, दर्द भूलकर रिश्तों में बंद थी दुनिया सारी, हर पग को रोशन करने वाली वो शक्ति है एक नारी, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई!

नारी ही शक्ति है नर की, नारी ही शोभा है घर की, जो उसे उचित सम्मान मिले, घर में खुशियों के फूल खिलें। हैप्पी वुमेंस डे।

नारी ही शक्ति है नर की, नारी ही शोभा है घर की, जो उसे उचित सम्मान मिले, घर में खुशियों के फूल खिलें। हैप्पी वुमेंस डे।

पापा की वो लाड़ली, माँ की वो जान, दिल नादान पर करती है, सबके लिए अपनी जान कुर्बान, है भाइयों की मुस्कान, परिवार की शान, ये है एक लड़की की पहचान। हैप्पी वुमेंस डे।

पापा की वो लाड़ली, माँ की वो जान, दिल नादान पर करती है, सबके लिए अपनी जान कुर्बान, है भाइयों की मुस्कान, परिवार की शान, ये है एक लड़की की पहचान। हैप्पी वुमेंस डे।

दुनियां में दो शक्तियां है, एक तलवार की, एक कलम की। इन दोनो के बीच में कड़ा मुकाबला और दुश्म,नी है एक तीसरी ताकत है जो दोनों से शक्तिशाली है, वो है महिलाओं की ताकत। नारी शक्ति को प्रणाम। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) की हार्दिक शुभकामनाएं।

दुनियां में दो शक्तियां है, एक तलवार की, एक कलम की। इन दोनो के बीच में कड़ा मुकाबला और दुश्म,नी है एक तीसरी ताकत है जो दोनों से शक्तिशाली है, वो है महिलाओं की ताकत। नारी शक्ति को प्रणाम। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) की हार्दिक शुभकामनाएं।

औरत से है यह दुनिया सारी, फिर भी यह ग़ुलामी सहती है, औरत के लिए है जीना सजा, फिर भी वह जीए जा रही है, औरत संसार की किस्मत है फिर भी किस्मत की मारी है, औरत आज भी ज़िंदा जलती है, फिर भी कहलाती वह क़ुरबानी है, औरत के लिए रोना खता है फिर भी वह हर ज़ुल्म सहती है, औरत ने जनम दिया मर्दों को फिर भी वह कहलाती पैरों की जूती है।

औरत से है यह दुनिया सारी, फिर भी यह ग़ुलामी सहती है, औरत के लिए है जीना सजा, फिर भी वह जीए जा रही है, औरत संसार की किस्मत है फिर भी किस्मत की मारी है, औरत आज भी ज़िंदा जलती है, फिर भी कहलाती वह क़ुरबानी है, औरत के लिए रोना खता है फिर भी वह हर ज़ुल्म सहती है, औरत ने जनम दिया मर्दों को फिर भी वह कहलाती पैरों की जूती है।

जहां होता हो नारी शक्ति का अपमान, जान लीजिए वो स्थान तो है नर्क समान। हैप्पी वुमेंस डे!

जहां होता हो नारी शक्ति का अपमान, जान लीजिए वो स्थान तो है नर्क समान। हैप्पी वुमेंस डे!

जहां एक औरत होगी वहां खुशहाली होगी। हैप्पी वुमेंस डे!

जहां एक औरत होगी वहां खुशहाली होगी। हैप्पी वुमेंस डे!

महिला दिवस की शुभकामनाएं।

महिला दिवस की शुभकामनाएं।

हैप्पी वुमेंस डे!

हैप्पी वुमेंस डे!

मैं देखता हूं जब मर्द औरत से प्यार करता है तो वो अपनी जिंदगी का बहुत छोटा हिस्सा देता है लेकिन जब एक औरत प्यार करती है तो वो अपनी पूरी जिंदगी दे देती है। हैप्पी वुमेंस डे!

मैं देखता हूं जब मर्द औरत से प्यार करता है तो वो अपनी जिंदगी का बहुत छोटा हिस्सा देता है लेकिन जब एक औरत प्यार करती है तो वो अपनी पूरी जिंदगी दे देती है। हैप्पी वुमेंस डे!

आदमी अपनी किस्मत नहीं बनाता, बल्कि औरत आदमी की किस्मत को तय करती है। हैप्पी वुमेंस डे!

आदमी अपनी किस्मत नहीं बनाता, बल्कि औरत आदमी की किस्मत को तय करती है। हैप्पी वुमेंस डे!

घर को स्वर्ग बनाती, नारी घर की इज्जत होती, नारीदेव भी पूजा करते जिसकी ऐसी प्यारी मूरत है नारी।

घर को स्वर्ग बनाती, नारी घर की इज्जत होती, नारीदेव भी पूजा करते जिसकी ऐसी प्यारी मूरत है नारी।

मुस्कुराकर, दर्द भूलकर रिश्तों में बंद थी दुनिया सारी हर पग को रोशन करने वाली, वो शक्ति है एक नारी। महिला दिवस की शुभकामनाएं!

मुस्कुराकर, दर्द भूलकर रिश्तों में बंद थी दुनिया सारी हर पग को रोशन करने वाली, वो शक्ति है एक नारी। महिला दिवस की शुभकामनाएं!

औरतें वो नहीं सुनना चाहती जो आप सोचते हैं औरतें वो सुनना चाहती हैं जो वो सोचती है। हैप्पी वुमेंस डे!

औरतें वो नहीं सुनना चाहती जो आप सोचते हैं औरतें वो सुनना चाहती हैं जो वो सोचती है। हैप्पी वुमेंस डे!

मैं भी एक इंसान हूँ हंसना मैं भी चाहती हूँ सुन्दर सी दुनिया में, मैं भी जीना चाहती हूँ। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं!

मैं भी एक इंसान हूँ हंसना मैं भी चाहती हूँ सुन्दर सी दुनिया में, मैं भी जीना चाहती हूँ। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं!

मां के साथ ममता मिलती, बहन से मिलता हमेशा दुलार, नारी शक्ति को पूजनीय समझो, ये लगाती जीवन नैया पार।

मां के साथ ममता मिलती, बहन से मिलता हमेशा दुलार, नारी शक्ति को पूजनीय समझो, ये लगाती जीवन नैया पार।

जीवन का यही अनमोल सार, नारी नहीं थी कभी बेचारी क्योंकि नारी में निहित है इस सृष्टि की शक्ति सारी। हैप्पी वुमेंस डे!

जीवन का यही अनमोल सार, नारी नहीं थी कभी बेचारी क्योंकि नारी में निहित है इस सृष्टि की शक्ति सारी। हैप्पी वुमेंस डे!

हर दुख दर्द सह कर वो मुस्कुराती है, पत्थरों और दीवारों से बने मकान को, वो औरत ही है जो घर बनाती हैं। हैप्पी वुमेंस डे!

हर दुख दर्द सह कर वो मुस्कुराती है, पत्थरों और दीवारों से बने मकान को, वो औरत ही है जो घर बनाती हैं। हैप्पी वुमेंस डे!

नारी ही तो ममता है, आस्था है जहां उम्मीद टूटती हो, वहां एकमात्र आस है। हैप्पी वुमेंस डे!

नारी ही तो ममता है, आस्था है जहां उम्मीद टूटती हो, वहां एकमात्र आस है। हैप्पी वुमेंस डे!

जीवन का आधार तुम्ही से, इस जीवन का ये सार तुम्ही से, पथ कठिन हो या फिर घोर अंधेरी रात, मार्गदर्शन की उम्मीद तुम्ही से। हैप्पी वुमेंस डे!

जीवन का आधार तुम्ही से, इस जीवन का ये सार तुम्ही से, पथ कठिन हो या फिर घोर अंधेरी रात, मार्गदर्शन की उम्मीद तुम्ही से। हैप्पी वुमेंस डे!

हे नारी, तू सीता के मन में समाई तू राधा के मन में समाई, साधू संत जिसे स्व र्ग कहते, तू धरती पर वही मुक्ति है। हैप्पी वुमेंस डे!

हे नारी, तू सीता के मन में समाई तू राधा के मन में समाई, साधू संत जिसे स्व र्ग कहते, तू धरती पर वही मुक्ति है। हैप्पी वुमेंस डे!



दिन की रोशनी ख्वाबों को बनाने मे गुजर गई, रात की नींद बच्चे को सुलाने मे गुजर गई, जिस घर मे मेरे नाम की तखती भी नहीं, सारी उमर उस घर को सजाने मे गुजर गई। महिला दिवस की हार्दिक बधाई!

दिन की रोशनी ख्वाबों को बनाने मे गुजर गई, रात की नींद बच्चे को सुलाने मे गुजर गई, जिस घर मे मेरे नाम की तखती भी नहीं, सारी उमर उस घर को सजाने मे गुजर गई। महिला दिवस की हार्दिक बधाई!

जिसने बस त्याग ही त्याग किए, जो बस दूसरों के लिए जिए, फिर क्यों उसको धिक्कार दो, उसे जीने का अधिकार दो। महिला दिवस की शुभकामनाएं।

जिसने बस त्याग ही त्याग किए, जो बस दूसरों के लिए जिए, फिर क्यों उसको धिक्कार दो, उसे जीने का अधिकार दो। महिला दिवस की शुभकामनाएं।

सूरज की रथ पर बैठे हैं, तनकर आज अँधेरे। रच दो इन्हीं अँधेरों की छाती पर नए सवेरे। हैप्पी वुमेंस डे।

सूरज की रथ पर बैठे हैं, तनकर आज अँधेरे। रच दो इन्हीं अँधेरों की छाती पर नए सवेरे। हैप्पी वुमेंस डे।

मेरी खामोशियों को मेरी कमजोरी न समझ, सही तेरी हैवानियत, इसे मजबूरी न समझ, आखिरी चेतावनी आज तुझ को देती हूँ समझ जा तू वरना खाक में मिला देती हूँ। हैप्पी वुमेंस डे।

मेरी खामोशियों को मेरी कमजोरी न समझ, सही तेरी हैवानियत, इसे मजबूरी न समझ, आखिरी चेतावनी आज तुझ को देती हूँ समझ जा तू वरना खाक में मिला देती हूँ। हैप्पी वुमेंस डे।

अपना वजूद भुलाकर हर किरदार बखूबी निभातीं है, ये वो देवी है जो घर को स्वर्ग बनाती है। हैप्पी वुमेंस डे।

अपना वजूद भुलाकर हर किरदार बखूबी निभातीं है, ये वो देवी है जो घर को स्वर्ग बनाती है। हैप्पी वुमेंस डे।

कम नहीं ये किसी से साबित कर दिखलाएंगी, खोल दो अगर बेडियां इनकी हर मंजिल पा जाएंगी। हैप्पी वुमेंस डे।

कम नहीं ये किसी से साबित कर दिखलाएंगी, खोल दो अगर बेडियां इनकी हर मंजिल पा जाएंगी। हैप्पी वुमेंस डे।

हे कलयुग की सबला नारी, फिर आयी है तेरी बारी। देखने तेरे अलौकिक रूप को, ये संसार अधीर खड़ा है। दिखा अपना अदम्य साहस, दानव महिषासुर फिर तेरे पीछे पड़ा है। हैप्पी वुमेंस डे।

हे कलयुग की सबला नारी, फिर आयी है तेरी बारी। देखने तेरे अलौकिक रूप को, ये संसार अधीर खड़ा है। दिखा अपना अदम्य साहस, दानव महिषासुर फिर तेरे पीछे पड़ा है। हैप्पी वुमेंस डे।

छोड़ दे अब यह मोह माया, मिटा दे यह घनघोर निशा, पलट दे इस जग की काया। हैप्पी वुमेंस डे।

छोड़ दे अब यह मोह माया, मिटा दे यह घनघोर निशा, पलट दे इस जग की काया। हैप्पी वुमेंस डे।

दिल की गहराई से महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।

दिल की गहराई से महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।

कब बुझी है यज्ञ ज्वाला, वेद वाणी मूक कब है, देश का नारीत्व जागो, गूंजता संघर्षरव है। हैप्पी वुमेंस डे।

कब बुझी है यज्ञ ज्वाला, वेद वाणी मूक कब है, देश का नारीत्व जागो, गूंजता संघर्षरव है। हैप्पी वुमेंस डे।

प्रेम की वर्षा करो अब, देश का जीवन जगेगा। ज्योति मन्दिर में जलेगी, राष्ट्र का आँगन सजेगा। एकता का दीप जननी प्राण से ज्योतित रहेगा। महिला दिवस महापर्व की अनन्त शुभकामनाएं।

प्रेम की वर्षा करो अब, देश का जीवन जगेगा। ज्योति मन्दिर में जलेगी, राष्ट्र का आँगन सजेगा। एकता का दीप जननी प्राण से ज्योतित रहेगा। महिला दिवस महापर्व की अनन्त शुभकामनाएं।

नारी शक्ति है ,सम्मान है, नारी गौरव है, अभिमान है, यही लक्ष्मी, यही सरस्वती, यही दुर्गा का अवतार है, नारी ने ही ये रचा विधान है, हमारा नतमस्तक इसको प्रणाम है।

नारी शक्ति है ,सम्मान है, नारी गौरव है, अभिमान है, यही लक्ष्मी, यही सरस्वती, यही दुर्गा का अवतार है, नारी ने ही ये रचा विधान है, हमारा नतमस्तक इसको प्रणाम है।

आया समय उठो तुम नारी, युग निर्माण तुम्हें करना है। आजादी की खुदी नींव में तुम्हें प्रगति पत्थर भरना है। हैप्पी वुमेंस डे।

आया समय उठो तुम नारी, युग निर्माण तुम्हें करना है। आजादी की खुदी नींव में तुम्हें प्रगति पत्थर भरना है। हैप्पी वुमेंस डे।

अपने को कमजोर न समझो जननी हो सम्पूर्ण जगत की, गौरव हो अपनी संस्कृति की, आहट हो स्वर्णिम आगत की, तुम्हे नया इतिहास देश का अपने कर्मो से रचना है। आया समय उठो तुम नारी युग निर्माण तुम्हें करना है। हैप्पी वुमेंस डे।

अपने को कमजोर न समझो जननी हो सम्पूर्ण जगत की, गौरव हो अपनी संस्कृति की, आहट हो स्वर्णिम आगत की, तुम्हे नया इतिहास देश का अपने कर्मो से रचना है। आया समय उठो तुम नारी युग निर्माण तुम्हें करना है। हैप्पी वुमेंस डे।

ख़ूबसूरत इक परिंदा है क़फ़स में, और क्या है कुछ नहीं है तू ऐ औरत।

ख़ूबसूरत इक परिंदा है क़फ़स में, और क्या है कुछ नहीं है तू ऐ औरत।

हे सृष्टि रचयिता! यूं तो ना गुनाह कीजिए, हम सबको सहारा देती हैं हमें भी आपकी पनाह दीजिए। 24 घंटे सातों दिन काम करती हैं एक इतवार हमारे लिए भी बना दीजिए। एक ग्रहणी एक औरत!

हे सृष्टि रचयिता! यूं तो ना गुनाह कीजिए, हम सबको सहारा देती हैं हमें भी आपकी पनाह दीजिए। 24 घंटे सातों दिन काम करती हैं एक इतवार हमारे लिए भी बना दीजिए। एक ग्रहणी एक औरत!

पग-पग पर उसको समाज से स्त्रीत्व का शापित परिणाम मिला, जो जन्मा उसके गर्भ से उसमें भी पुरुषत्व का अभिमान मिला।

पग-पग पर उसको समाज से स्त्रीत्व का शापित परिणाम मिला, जो जन्मा उसके गर्भ से उसमें भी पुरुषत्व का अभिमान मिला।

औरत होना कब था आसान, जिसके जन्म को समझा अभिशाप, जिसके अस्तित्व को माना कर्ज़, जिसके तन को कहा पराया धन, उसका जीवन कब था आसान, जिसका हुआ कन्यादान।

औरत होना कब था आसान, जिसके जन्म को समझा अभिशाप, जिसके अस्तित्व को माना कर्ज़, जिसके तन को कहा पराया धन, उसका जीवन कब था आसान, जिसका हुआ कन्यादान।

जिसकी पिता/पति के नाम से ही पहचान, जिसके त्याग को समझा शान, उसकी खुशी कब थी आसान, जो कभी बेटी बन खुशियाँ लाती, जो कभी बहु बन घर समेटती, जो कभी माँ बन ममता बिखेरती, उसका कर्तव्य कब था आसान, जिसने इस जग को जगाया। हैप्पी वुमेंस डे।

जिसकी पिता/पति के नाम से ही पहचान, जिसके त्याग को समझा शान, उसकी खुशी कब थी आसान, जो कभी बेटी बन खुशियाँ लाती, जो कभी बहु बन घर समेटती, जो कभी माँ बन ममता बिखेरती, उसका कर्तव्य कब था आसान, जिसने इस जग को जगाया। हैप्पी वुमेंस डे।

कभी ममता, तो कभी रौद्र रूप दिखाया, कभी दुर्गा, तो कभी काली को प्रेरणाश्रोत बनाया, उसका संघर्ष कब था आसान,  जिसने सशक्तिकरण की हुँकार भरी, जिसने अत्याचारों के खिलाफ़ आवाज़ बुलंद की, जिसने संसार को अपनी प्रतिभा से मौन किया, उसकी राह कब थी आसान। हैप्पी वुमेंस डे।

कभी ममता, तो कभी रौद्र रूप दिखाया, कभी दुर्गा, तो कभी काली को प्रेरणाश्रोत बनाया, उसका संघर्ष कब था आसान, जिसने सशक्तिकरण की हुँकार भरी, जिसने अत्याचारों के खिलाफ़ आवाज़ बुलंद की, जिसने संसार को अपनी प्रतिभा से मौन किया, उसकी राह कब थी आसान। हैप्पी वुमेंस डे।

कभी रूप की रानी बनी, कभी बाहर निकल मर्दों से कदम मिलाया, तो कभी घर बैठ परिवार को आगे बढ़ने दिया, उस औरत का जीवन कब था आसान। हैप्पी वुमेंस डे।

कभी रूप की रानी बनी, कभी बाहर निकल मर्दों से कदम मिलाया, तो कभी घर बैठ परिवार को आगे बढ़ने दिया, उस औरत का जीवन कब था आसान। हैप्पी वुमेंस डे।

सहनशील भी हैं, सशक्त भी, संघर्षशील भी हैं, स्वावलंबी भी, निर्मल भी हैं, निर्मम भी, नारीत्व आखिर कब था आसान। हैप्पी वुमेंस डे।

सहनशील भी हैं, सशक्त भी, संघर्षशील भी हैं, स्वावलंबी भी, निर्मल भी हैं, निर्मम भी, नारीत्व आखिर कब था आसान। हैप्पी वुमेंस डे।

नारी तुम प्रेम हो, आस्था हो, विश्वास हो टूटी हुई उम्मीदों की एक मात्र आस हो। हैप्पी वुमेंस डे।

नारी तुम प्रेम हो, आस्था हो, विश्वास हो टूटी हुई उम्मीदों की एक मात्र आस हो। हैप्पी वुमेंस डे।

हजारों फूल चाहिए एक माला बनाने के लिए, हजारों दीपक चाहिए एक आरती सजाने के लिए, हजारों बूंद चाहिए समुद्र बनाने के लिए, पर एक स्त्री अकेली ही काफी है घर को स्वर्ग बनाने के लिए। महिला दिवस की हार्दिक बधाई!

हजारों फूल चाहिए एक माला बनाने के लिए, हजारों दीपक चाहिए एक आरती सजाने के लिए, हजारों बूंद चाहिए समुद्र बनाने के लिए, पर एक स्त्री अकेली ही काफी है घर को स्वर्ग बनाने के लिए। महिला दिवस की हार्दिक बधाई!

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