297 Quotes by Aacharya Chanakya in Hindi -) Chanakya Niti Lines

तेल में पानी नहीं मिलता, घी में से जल नहीं निकलता, पारा किसी से नहीं मिल सकता। 
इसी प्रकार विपरीत स्वभाव वाले व्यक्ति एक दूसरे से कभी नहीं मिल सकते।

तेल में पानी नहीं मिलता, घी में से जल नहीं निकलता, पारा किसी से नहीं मिल सकता। इसी प्रकार विपरीत स्वभाव वाले व्यक्ति एक दूसरे से कभी नहीं मिल सकते।

संतोष और धैर्य से जो सुख प्राप्त हो सकता है वह किसी और चीज से नहीं मिल सकता।

संतोष और धैर्य से जो सुख प्राप्त हो सकता है वह किसी और चीज से नहीं मिल सकता।

भूख के समान कोई दूसरा शत्रु नहीं है।

भूख के समान कोई दूसरा शत्रु नहीं है।

चतुरंगणी सेना (हाथी, घोड़े, रथ और पैदल) होने पर भी इन्द्रियों के वश में रहने वाला राजा नष्ट हो जाता है।

चतुरंगणी सेना (हाथी, घोड़े, रथ और पैदल) होने पर भी इन्द्रियों के वश में रहने वाला राजा नष्ट हो जाता है।

प्रकृति का कोप सभी कोपों से बड़ा होता है।

प्रकृति का कोप सभी कोपों से बड़ा होता है।

भोजन करते समय प्राणी को सदा मौन रहना चाहिए, मौन रहकर भोजन करने से स्वास्थ्य लाभ होता है।

भोजन करते समय प्राणी को सदा मौन रहना चाहिए, मौन रहकर भोजन करने से स्वास्थ्य लाभ होता है।

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