Home Quotes Bhagawad Gita Quotes {Life Lessons} by Krishna in Hindi

Bhagawad Gita Quotes {Life Lessons} by Krishna in Hindi

by BstStatus Author
bhagavadgitaquotes
जो कोई भी जिस किसी भी देवता की पूजा विश्वास के साथ करने की इच्छा रखता है, मैं उसका विश्वास उसी देवता में दृढ कर देता हूँ।

जो कोई भी जिस किसी भी देवता की पूजा विश्वास के साथ करने की इच्छा रखता है, मैं उसका विश्वास उसी देवता में दृढ कर देता हूँ।

पूर्णता के साथ किसी और के जीवन की नकल कर जीने की तुलना में अपने आप को पहचानकर अपूर्ण रूप से जीना बेहतर है।

पूर्णता के साथ किसी और के जीवन की नकल कर जीने की तुलना में अपने आप को पहचानकर अपूर्ण रूप से जीना बेहतर है।

प्रत्येक कर्म को कर्त्तव्य मात्रा समझकर करना चाहिए, स्वरुप से कर्मो का त्याग करने से तो बंधन होता है पर सम्बन्ध न जोड़कर कर्त्तव्य मात्रा समझ कर कर्म करने से मुक्ति होती है।

प्रत्येक कर्म को कर्त्तव्य मात्रा समझकर करना चाहिए, स्वरुप से कर्मो का त्याग करने से तो बंधन होता है पर सम्बन्ध न जोड़कर कर्त्तव्य मात्रा समझ कर कर्म करने से मुक्ति होती है।

मनुष्य अपनी वासना के अनुसार ही अगला जन्म पाता है।

मनुष्य अपनी वासना के अनुसार ही अगला जन्म पाता है।

साधारण मनुष्य शरीर को व्यापक मानता है, साधक परमात्मा को व्यापक मानता है। जैसे शरीर और संसार एक है ऐसे ही स्वयं और परमात्मा एक है।

साधारण मनुष्य शरीर को व्यापक मानता है, साधक परमात्मा को व्यापक मानता है। जैसे शरीर और संसार एक है ऐसे ही स्वयं और परमात्मा एक है।

हे अर्जुन! मन की गतिविधियों, होश, श्वास, और भावनाओं के माध्यम से भगवान की शक्ति सदा तुम्हारे साथ है।

हे अर्जुन! मन की गतिविधियों, होश, श्वास, और भावनाओं के माध्यम से भगवान की शक्ति सदा तुम्हारे साथ है।

हे अर्जुन तू युद्ध भी कर और हर समय में मेरा स्मरण भी कर।

हे अर्जुन तू युद्ध भी कर और हर समय में मेरा स्मरण भी कर।

यह संसार हर क्षण बदल रहा है और बदलने वाली वस्तु असत्य होती है।

यह संसार हर क्षण बदल रहा है और बदलने वाली वस्तु असत्य होती है।

व्यक्ति जो चाहे बन सकता है यदि वह विश्वास के साथ इच्छित वस्तु पर चिंतन करें।

व्यक्ति जो चाहे बन सकता है यदि वह विश्वास के साथ इच्छित वस्तु पर चिंतन करें।

बुरे कर्म करने वाले, सबसे नीच व्यक्ति जो राक्षसी प्रवित्तियों से जुड़े हुए हैं, और जिनकी बुद्धि माया ने हर ली है वो मेरी पूजा या मुझे पाने का प्रयास नहीं करते।

बुरे कर्म करने वाले, सबसे नीच व्यक्ति जो राक्षसी प्रवित्तियों से जुड़े हुए हैं, और जिनकी बुद्धि माया ने हर ली है वो मेरी पूजा या मुझे पाने का प्रयास नहीं करते।

You may also like

Leave a Comment