वो शख्स जिसकी आँखों में इंकार के सिवा कुछ भी नही, ना जाने क्यों उसकी आँखों पे जिंदगी लुटाने को जी चाहता है।

वो शख्स जिसकी आँखों में इंकार के सिवा कुछ भी नही, ना जाने क्यों उसकी आँखों पे जिंदगी लुटाने को जी चाहता है।

नींद को आज भी शिकवा है मेरी आँखों से, मैंने आने न दिया उसको कभी तेरी याद से पहले।

नींद को आज भी शिकवा है मेरी आँखों से, मैंने आने न दिया उसको कभी तेरी याद से पहले।

तेरी आंखों से तेरे दिल का हाल पता चल जाता है। अल्फाजों को क्या पढें हमें तेरी खामोशी पढना आता है।

तेरी आंखों से तेरे दिल का हाल पता चल जाता है। अल्फाजों को क्या पढें हमें तेरी खामोशी पढना आता है।

लो मैं आंखों पर हाथ रखती हूं, तुम अचानक कहीं से आ जाओ।

लो मैं आंखों पर हाथ रखती हूं, तुम अचानक कहीं से आ जाओ।

मेरे बस में अगर होता हटा कर चाँद तारों को, मैं नीले आसमां पे बस तेरी आँखें बना देता।

मेरे बस में अगर होता हटा कर चाँद तारों को, मैं नीले आसमां पे बस तेरी आँखें बना देता।

ये जो नज़रों से तुम मेरे दिल पर वार करते हो, करते तो ज़ूल्म हो, साहिब मगर कमाल करते हो।

ये जो नज़रों से तुम मेरे दिल पर वार करते हो, करते तो ज़ूल्म हो, साहिब मगर कमाल करते हो।

नींदे हड़ताल में है जनाब आँखों की मांगें है, जब तक उसे देख ना ले तब तक सोयेंगे नही।

नींदे हड़ताल में है जनाब आँखों की मांगें है, जब तक उसे देख ना ले तब तक सोयेंगे नही।

बहुत अंदर तक तबाही मचाता है, वो आँसू जो आँखों से बह नहीं पता है।

बहुत अंदर तक तबाही मचाता है, वो आँसू जो आँखों से बह नहीं पता है।

कोई आँखों से बातें करता हैं, कोई आँखों से मुलाकाते करता हैं, बड़ा मुश्किल होता हैं जवाब देना, जब कोई चुप रह के सवाल करता हैं।

कोई आँखों से बातें करता हैं, कोई आँखों से मुलाकाते करता हैं, बड़ा मुश्किल होता हैं जवाब देना, जब कोई चुप रह के सवाल करता हैं।

जब भी हाथ उठे हैं दुआ के लिए, मेरे लबों पे तेरा ही नाम आया, कब से आँख में छुपा के रखा था,तेरे दुःख में आज वही आंसू काम आया।

जब भी हाथ उठे हैं दुआ के लिए, मेरे लबों पे तेरा ही नाम आया, कब से आँख में छुपा के रखा था,तेरे दुःख में आज वही आंसू काम आया।

होठों को छूआ उसने एहसास अब तक है, आँखों में नमी और साँसों में आग अब तक है, वक़्त गुज़र गया पर याद उसकी अब तक है, क्या पानीपूरी थी यार स्वाद अब तक है।

होठों को छूआ उसने एहसास अब तक है, आँखों में नमी और साँसों में आग अब तक है, वक़्त गुज़र गया पर याद उसकी अब तक है, क्या पानीपूरी थी यार स्वाद अब तक है।

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