सीखते रहना है, जो सीख रहा है वो जिंदा है, जिसने सीखना बंद कर दिया वो जिंदा लाश है।
-संदीप माहेश्वरी

सीखते रहना है, जो सीख रहा है वो जिंदा है, जिसने सीखना बंद कर दिया वो जिंदा लाश है। -संदीप माहेश्वरी

सफलता अनुभव से आती है और अनुभव यह बुरे अनुभव से।
-संदीप माहेश्वरी

सफलता अनुभव से आती है और अनुभव यह बुरे अनुभव से। -संदीप माहेश्वरी

विडियो गेम खेलते है हम, उसमे क्या पहले ही दिन में जब आप खेल रहे होते हो आप एक्सपर्ट हो जाते हो, पहले ही लेवल से 10वे लेवल पर पहुच जाते हो, नहीं पहुचते आप गेम में बार-बार गिरते हो, फिर पहले लेवल से शुरू करते है ऐसे करके बेटर करते जाते हो, और आखिर में 10वे लेवल पर पहुच जाते हो, उसी तरह गेम और जिंदगी में केवल एक ही फर्क है कि गेम में एक एंड आ जाता है लेकिन जिंदगी मे कोई एंड नहीं है आगे बढ़ते रहो।
-संदीप माहेश्वरी

विडियो गेम खेलते है हम, उसमे क्या पहले ही दिन में जब आप खेल रहे होते हो आप एक्सपर्ट हो जाते हो, पहले ही लेवल से 10वे लेवल पर पहुच जाते हो, नहीं पहुचते आप गेम में बार-बार गिरते हो, फिर पहले लेवल से शुरू करते है ऐसे करके बेटर करते जाते हो, और आखिर में 10वे लेवल पर पहुच जाते हो, उसी तरह गेम और जिंदगी में केवल एक ही फर्क है कि गेम में एक एंड आ जाता है लेकिन जिंदगी मे कोई एंड नहीं है आगे बढ़ते रहो। -संदीप माहेश्वरी

जब दिमाग़ कमजोर होता है, परिस्थितियां समस्या बन जाती हैं। जब दिमाग़ स्थिर होता है, तब परिस्थितियां चुनौती बन जाती हैं। लेकिन जब दिमाग़ मजबूत होता है, तब परिस्थितयां अवसर बन जाती हैं।
-संदीप माहेश्वरी

जब दिमाग़ कमजोर होता है, परिस्थितियां समस्या बन जाती हैं। जब दिमाग़ स्थिर होता है, तब परिस्थितियां चुनौती बन जाती हैं। लेकिन जब दिमाग़ मजबूत होता है, तब परिस्थितयां अवसर बन जाती हैं। -संदीप माहेश्वरी

आपको हमेशा खुश रहना है, अब सवाल यह उठता है कि खुश कैसे रहे, जब भी आप लाइफ को पॉजिटिव साइड से देखते हो आप खुश होते हो और जब भी आप लाइफ को नेगेटिव साइड से देखत हो आप दुखी होते हो।
-संदीप माहेश्वरी

आपको हमेशा खुश रहना है, अब सवाल यह उठता है कि खुश कैसे रहे, जब भी आप लाइफ को पॉजिटिव साइड से देखते हो आप खुश होते हो और जब भी आप लाइफ को नेगेटिव साइड से देखत हो आप दुखी होते हो। -संदीप माहेश्वरी

अपने आप से मुकाबला करते जाओ, वहा कोई भी रिस्क नहीं है, हारे तब भी आपकी जीत है और जीते तब भी।
-संदीप माहेश्वरी

अपने आप से मुकाबला करते जाओ, वहा कोई भी रिस्क नहीं है, हारे तब भी आपकी जीत है और जीते तब भी। -संदीप माहेश्वरी

अगर आपको यह क्लियर हो गया कि मुझे इस प्रॉब्लम का सॉल्यूशन निकालना है तो सॉल्यूशन खुद चल कर के आपके पास आता है, प्रॉब्लम में ही सॉल्यूशन होता है।
-संदीप माहेश्वरी

अगर आपको यह क्लियर हो गया कि मुझे इस प्रॉब्लम का सॉल्यूशन निकालना है तो सॉल्यूशन खुद चल कर के आपके पास आता है, प्रॉब्लम में ही सॉल्यूशन होता है। -संदीप माहेश्वरी

गिर गये तो क्या हुआ, गिरता भी वही है जो चलता है बस आपको इतना करना है उठकर फिर से चलना है।
-संदीप माहेश्वरी

गिर गये तो क्या हुआ, गिरता भी वही है जो चलता है बस आपको इतना करना है उठकर फिर से चलना है। -संदीप माहेश्वरी

अगर बोरिंग जगह पर हमको अपने मन को टिकाना आ गया तो फिर इंटरेस्टीग जगह तो बस खेल है।
-संदीप माहेश्वरी

अगर बोरिंग जगह पर हमको अपने मन को टिकाना आ गया तो फिर इंटरेस्टीग जगह तो बस खेल है। -संदीप माहेश्वरी

कोशिश करो की अपने काम को इतनी हद तक आगे तक लेकर के जाओ की उस हद तक आज तक किसी ने न लाया और आगे भी किसी को लाने में बहुत जोर लगाना पड़े।
-संदीप माहेश्वरी

कोशिश करो की अपने काम को इतनी हद तक आगे तक लेकर के जाओ की उस हद तक आज तक किसी ने न लाया और आगे भी किसी को लाने में बहुत जोर लगाना पड़े। -संदीप माहेश्वरी

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