बचपन की यादें मिटाकर बड़े रास्तों पे कदम बढ़ा लिया, हालात ही कुछ ऐसे हुए की बच्चे से बड़ा बना दिया।

बचपन की यादें मिटाकर बड़े रास्तों पे कदम बढ़ा लिया, हालात ही कुछ ऐसे हुए की बच्चे से बड़ा बना दिया।

वो पूरी ज़िन्दगी रोटी, कपड़ा, मकान जुटाने में फस जाता है, अक्सर गरीबी के दलदल में बचपन का ख़्वाब धस जाता है।

वो पूरी ज़िन्दगी रोटी, कपड़ा, मकान जुटाने में फस जाता है, अक्सर गरीबी के दलदल में बचपन का ख़्वाब धस जाता है।

अपना बचपन भी बड़ा कमाल का हुआ करता था, ना कल की फ़िक्र ना आज का ठिकाना हुआ करता था।

अपना बचपन भी बड़ा कमाल का हुआ करता था, ना कल की फ़िक्र ना आज का ठिकाना हुआ करता था।

बचपन मैं यारों की यारी ने, एक तोफ़ा भी क्या खूब दिया, उनकी बातों के चक्कर में पड़, माँ बापू से भी कूट लिया।

बचपन मैं यारों की यारी ने, एक तोफ़ा भी क्या खूब दिया, उनकी बातों के चक्कर में पड़, माँ बापू से भी कूट लिया।

बचपन को कैद किया उम्मीदों के पिंजरों में, एक दिन उड़ने लायक कोई परिंदा नही बचेगा।

बचपन को कैद किया उम्मीदों के पिंजरों में, एक दिन उड़ने लायक कोई परिंदा नही बचेगा।

जिम्मेदारियों ने वक्त से पहले बड़ा कर दिया साहब, वरना बचपन हमको भी बहुत पसंद था।

जिम्मेदारियों ने वक्त से पहले बड़ा कर दिया साहब, वरना बचपन हमको भी बहुत पसंद था।

बचपन तो वहीं खड़ा इंतजार कर रहा है, तुम बुढ़ापे की ओर दौड़ रहे हो।

बचपन तो वहीं खड़ा इंतजार कर रहा है, तुम बुढ़ापे की ओर दौड़ रहे हो।

वो बड़े होने से डरता है, इसीलिए बचपना करता है।

वो बड़े होने से डरता है, इसीलिए बचपना करता है।

अब वो खुशी असली नाव मे बैठकर भी नही मिलती है, जो बचपन मे कागज की नाव को पानी मे बहाकर मिलती है।

अब वो खुशी असली नाव मे बैठकर भी नही मिलती है, जो बचपन मे कागज की नाव को पानी मे बहाकर मिलती है।

कौन कहता है कि मैं जिंदा नहीं, बस बचपन ही तो गया है बचपना नहीं।

कौन कहता है कि मैं जिंदा नहीं, बस बचपन ही तो गया है बचपना नहीं।

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