Aashiqui Shayari ॥ आशिकी शायरी

उनकी चाल ही काफी थी इस दिलके होश उङाने के लिए, अब तो हद हो गयी जब से वो पाँव में पायल पहनने लगे।

उनकी चाल ही काफी थी इस दिलके होश उङाने के लिए, अब तो हद हो गयी जब से वो पाँव में पायल पहनने लगे।

दिसंबर की सर्दी है तेरी आशिकी जैसी, याद भी करूँ तो पूरा बदन कांपता है।

दिसंबर की सर्दी है तेरी आशिकी जैसी, याद भी करूँ तो पूरा बदन कांपता है।

फूल खिलते रहे ज़िन्दगी की राह में, हंसी चमकती रहे आपकी निगाह में, कदम कदम पर मिले ख़ुशी की बहार आपको दिल देता है ये ही दुआ बार बार आपको।

फूल खिलते रहे ज़िन्दगी की राह में, हंसी चमकती रहे आपकी निगाह में, कदम कदम पर मिले ख़ुशी की बहार आपको दिल देता है ये ही दुआ बार बार आपको।

कोई सस्ता सा इलाज हो तो बताना एक गरीब को इश्क हुआ है मँहगाई के इस दौर में।

कोई सस्ता सा इलाज हो तो बताना एक गरीब को इश्क हुआ है मँहगाई के इस दौर में।

मैने ईश्क करने का मिजाज बदल दिया है अब तो बस तन्हाईयों से आशिकी करते हैं।

मैने ईश्क करने का मिजाज बदल दिया है अब तो बस तन्हाईयों से आशिकी करते हैं।

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