Aashiqui Shayari ॥ आशिकी शायरी

हमारे जख्मो की वजह भो वो है हमारे जख्मो की दवा भी वो है नमक जख्मो पे लगाये भी तो किया हुआ मोहब्बत करने की वजह भी तो वो है।

हमारे जख्मो की वजह भो वो है हमारे जख्मो की दवा भी वो है नमक जख्मो पे लगाये भी तो किया हुआ मोहब्बत करने की वजह भी तो वो है।

सच्चों की कमी झूठों की है भरमार, जमाना ख़राब है झूठों के साथ साथ सच्चे आशिक भी बर्बाद है।

सच्चों की कमी झूठों की है भरमार, जमाना ख़राब है झूठों के साथ साथ सच्चे आशिक भी बर्बाद है।

एक आदत सी हो गयी है चोट खाने की, भीगी हुए पलकों संग मुस्कुराने की, काश अंजाम वफ़ा का पहले ही जानते तो कोशिश भी नहीं करते दिल लगाने की।

एक आदत सी हो गयी है चोट खाने की, भीगी हुए पलकों संग मुस्कुराने की, काश अंजाम वफ़ा का पहले ही जानते तो कोशिश भी नहीं करते दिल लगाने की।

सुन्दर चेहरे के लिए आशिक़ो की कमी नहीं तलाश तो उसकी है जो दिल से प्यार करे।

सुन्दर चेहरे के लिए आशिक़ो की कमी नहीं तलाश तो उसकी है जो दिल से प्यार करे।

ये मेरा इश्क़ था या फिर दीवानगी की इंतेहा कि तेरे ही करीब से गुज़रगए तेरे ही ख्याल में।

ये मेरा इश्क़ था या फिर दीवानगी की इंतेहा कि तेरे ही करीब से गुज़रगए तेरे ही ख्याल में।

दिल की आवाज़ को इज़हार कहते हैं, झुकी निगाह को इनकार कहते हैं, सिर्फ पाने का नाम इश्क नहीं, कुछ खोने को भी प्यार कहते हैं।

दिल की आवाज़ को इज़हार कहते हैं, झुकी निगाह को इनकार कहते हैं, सिर्फ पाने का नाम इश्क नहीं, कुछ खोने को भी प्यार कहते हैं।

आदत है या तलबइश्क है या चाहत, तू दिल मे है या साँसों मे, तू दीवानगी है या मेरी आशिकी, तू ज़िन्दगी है या फिर एक किस्सा, पर जो भी है सिर्फ तू है।

आदत है या तलबइश्क है या चाहत, तू दिल मे है या साँसों मे, तू दीवानगी है या मेरी आशिकी, तू ज़िन्दगी है या फिर एक किस्सा, पर जो भी है सिर्फ तू है।

जमाना चाहे कुछ भी कहे लेकिन आशिक़ सिर्फ इश्क़ की फिराक में होगा।

जमाना चाहे कुछ भी कहे लेकिन आशिक़ सिर्फ इश्क़ की फिराक में होगा।

वक़्त के बदलने से इश्क़ कहाँ बदलता है आप से प्यार था आप से ही प्यार है।

वक़्त के बदलने से इश्क़ कहाँ बदलता है आप से प्यार था आप से ही प्यार है।

ये जो तुम्हारी याद है बस यही एक मेरी जायदाद है।

ये जो तुम्हारी याद है बस यही एक मेरी जायदाद है।

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