कोई भी गलती इतनी बड़ी नहीं होती कि उसे माफ ना किया जा सके।
-संदीप माहेश्वरी

कोई भी गलती इतनी बड़ी नहीं होती कि उसे माफ ना किया जा सके। -संदीप माहेश्वरी

आप को पावरफुल बनना है, इसलिए नहीं कि आप किसी को दबा सकें, बल्कि इसलिए कि कोई आपको न दबा सके।
-संदीप माहेश्वरी

आप को पावरफुल बनना है, इसलिए नहीं कि आप किसी को दबा सकें, बल्कि इसलिए कि कोई आपको न दबा सके। -संदीप माहेश्वरी

जब आपको ऐसी चीज की खोज करनी है जो आज तक किसी ने नहीं की हो, और यह डिजायर (इच्छा) पनप जाये एक बार, तो आपको कुछ करना नहीं पड़ेगा, वो डिजायर आपके जरिये से काम करने लग जाएगा।
-संदीप माहेश्वरी

जब आपको ऐसी चीज की खोज करनी है जो आज तक किसी ने नहीं की हो, और यह डिजायर (इच्छा) पनप जाये एक बार, तो आपको कुछ करना नहीं पड़ेगा, वो डिजायर आपके जरिये से काम करने लग जाएगा। -संदीप माहेश्वरी

जिस भी तरह के डिजायर आपके अन्दर दबे हुए है, उसी तरह की सोच है।
-संदीप माहेश्वरी

जिस भी तरह के डिजायर आपके अन्दर दबे हुए है, उसी तरह की सोच है। -संदीप माहेश्वरी

अगर मेरे जैसा लड़का जो दब्बू था जो शर्माता था वो अगर स्टेज पे आकर बोल सकता है तो दुनिया का कोई भी आदमी कुछ भी कर सकता है।
-संदीप माहेश्वरी

अगर मेरे जैसा लड़का जो दब्बू था जो शर्माता था वो अगर स्टेज पे आकर बोल सकता है तो दुनिया का कोई भी आदमी कुछ भी कर सकता है। -संदीप माहेश्वरी

चाहे तालिया मिले या फिर गालिया, इससे क्या फर्क पड़ता है फिर चाहे सफलता मिले या असफलता क्या फर्क पड़ता है, बस आप अपना काम करते जाईये क्यूकी कोई भी काम छोटा या बड़ा नही होता है।
-संदीप माहेश्वरी

चाहे तालिया मिले या फिर गालिया, इससे क्या फर्क पड़ता है फिर चाहे सफलता मिले या असफलता क्या फर्क पड़ता है, बस आप अपना काम करते जाईये क्यूकी कोई भी काम छोटा या बड़ा नही होता है। -संदीप माहेश्वरी

जो मन करे वो करो, खुल के करो क्योंकि ये दिन दुबारा नही आने वाला।
-संदीप माहेश्वरी

जो मन करे वो करो, खुल के करो क्योंकि ये दिन दुबारा नही आने वाला। -संदीप माहेश्वरी

जो कर्म आपको अंदर से मजबूत करता है वो अच्छा कर्म है जो आपको अंदर से कमजोर करता है वो बुरा कर्म है।
-संदीप माहेश्वरी

जो कर्म आपको अंदर से मजबूत करता है वो अच्छा कर्म है जो आपको अंदर से कमजोर करता है वो बुरा कर्म है। -संदीप माहेश्वरी

आप वो काम कर रहे हो जिसमे आप कमजोर है और आपके विपक्ष के मजबूत है, तो आप हारेंगे ही हारेंगे, तो अच्छा होगा अपनी ताकत के अनुसार ही काम करो।
-संदीप माहेश्वरी

आप वो काम कर रहे हो जिसमे आप कमजोर है और आपके विपक्ष के मजबूत है, तो आप हारेंगे ही हारेंगे, तो अच्छा होगा अपनी ताकत के अनुसार ही काम करो। -संदीप माहेश्वरी

टैलेंट की अपनी एक लिमिट है, गोल सेटिंग की अपनी एक लिमिट है, मोटिवेशन जो की बाहर से अन्दर की तरफ आ आता है उसकी एक लिमिट है लेकिन इंस्पीरेशन जो अन्दर से बाहर की तरफ जा रहा है उसकी कोई लिमिट नहीं है।
संदीप माहेश्वरी

टैलेंट की अपनी एक लिमिट है, गोल सेटिंग की अपनी एक लिमिट है, मोटिवेशन जो की बाहर से अन्दर की तरफ आ आता है उसकी एक लिमिट है लेकिन इंस्पीरेशन जो अन्दर से बाहर की तरफ जा रहा है उसकी कोई लिमिट नहीं है। संदीप माहेश्वरी

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