आप खुद को अपनी नज़र से नहीं देख रहे, दुनिया की नज़र से देख रहे, वो जो बोल रहे है वो आप मान रहे हो, एक बार आप अपने आप को खुदकी नज़र से देखो तभी आप जान पाओगे की आप एक्चुअल में क्या हो।

आप खुद को अपनी नज़र से नहीं देख रहे, दुनिया की नज़र से देख रहे, वो जो बोल रहे है वो आप मान रहे हो, एक बार आप अपने आप को खुदकी नज़र से देखो तभी आप जान पाओगे की आप एक्चुअल में क्या हो।

जब को भी व्यक्ति आपको यह कहे कि आप यह नहीं कर सकते, तो वो बस इतना सा कहना चाहता है कि क्योंकि मैं यह नहीं कर सकता या सका।
-संदीप माहेश्वरी

जब को भी व्यक्ति आपको यह कहे कि आप यह नहीं कर सकते, तो वो बस इतना सा कहना चाहता है कि क्योंकि मैं यह नहीं कर सकता या सका। -संदीप माहेश्वरी

खाना जब तक आप पेट की भूख को मिटाने के लिए खा रहे हो तब तक वो अमृत है, और अगर खाना आप मन की भूख को मिटाने के लिए खा रहे हो तो वो जहर है।
-संदीप माहेश्वरी

खाना जब तक आप पेट की भूख को मिटाने के लिए खा रहे हो तब तक वो अमृत है, और अगर खाना आप मन की भूख को मिटाने के लिए खा रहे हो तो वो जहर है। -संदीप माहेश्वरी

डिजायर चुनना है तो बड़े से बड़ा चुनो ना, बड़े से बड़ा! इस दुनिया का सबसे बड़ा।
-संदीप माहेश्वरी

डिजायर चुनना है तो बड़े से बड़ा चुनो ना, बड़े से बड़ा! इस दुनिया का सबसे बड़ा। -संदीप माहेश्वरी

ज्ञान को बढ़ा कर कभी भी अपना अहंकार नहीं बढ़ाये, यदि ऐसा करते हो तो तुम्हारी सिखने की उम्र ख़तम हो जाएगी।
-संदीप माहेश्वरी

ज्ञान को बढ़ा कर कभी भी अपना अहंकार नहीं बढ़ाये, यदि ऐसा करते हो तो तुम्हारी सिखने की उम्र ख़तम हो जाएगी। -संदीप माहेश्वरी

अरे जो सोये हुए हो, डरे हुए हो, बैठे हुए हो उठो, खड़े हो आगे बढ़ो।
-संदीप माहेश्वरी

अरे जो सोये हुए हो, डरे हुए हो, बैठे हुए हो उठो, खड़े हो आगे बढ़ो। -संदीप माहेश्वरी

जितना आप प्रकति से जुड़ते जाओगे, उतना अच्छा एहसास करोगे।
-संदीप माहेश्वरी

जितना आप प्रकति से जुड़ते जाओगे, उतना अच्छा एहसास करोगे। -संदीप माहेश्वरी

पूरी दुनिया को लग रहा था आप हार मान जाओगे, पूरी दुनिया को लग रहा था आप फ़ैल हो जाओगे, पूरी दुनिया को लग रहा था आप किसी काम के नहीं हो और फिर भी आप कुछ ऐसा कर जाओ कि सिर्फ अपनी फॅमिली के लिए नहीं, अपने फ्रेंड्स के लिए नहीं, इस पूरी दुनिया के लिए एक इंस्पीरेशन बन जाओ, उसको सक्सेस बोलते है।

पूरी दुनिया को लग रहा था आप हार मान जाओगे, पूरी दुनिया को लग रहा था आप फ़ैल हो जाओगे, पूरी दुनिया को लग रहा था आप किसी काम के नहीं हो और फिर भी आप कुछ ऐसा कर जाओ कि सिर्फ अपनी फॅमिली के लिए नहीं, अपने फ्रेंड्स के लिए नहीं, इस पूरी दुनिया के लिए एक इंस्पीरेशन बन जाओ, उसको सक्सेस बोलते है।

जिसमे जीतने की कोई चाह नही होती है और न ही हारने का गम, फिर उसे कोई भी नही हरा सकता है।
-संदीप माहेश्वरी

जिसमे जीतने की कोई चाह नही होती है और न ही हारने का गम, फिर उसे कोई भी नही हरा सकता है। -संदीप माहेश्वरी

जब भी आप किसी और की बुराई देखते हो तो आप खुद बुरे बन रहे हो, हम वही देखते है जो हम है।
-संदीप माहेश्वरी

जब भी आप किसी और की बुराई देखते हो तो आप खुद बुरे बन रहे हो, हम वही देखते है जो हम है। -संदीप माहेश्वरी

अगर में आपका सर किसी पानी से भरे ड्रम में मुह पकड कर उसके अन्दर कर दू, तो आप अपने आप को बचाने के लिए पूरी एनर्जी लगा दोगे क्योंकि प्रॉब्लम बड़ी है, तो जितनी बड़ी प्रॉब्लम उतनी बड़ी एनर्जी।
-संदीप माहेश्वरी

अगर में आपका सर किसी पानी से भरे ड्रम में मुह पकड कर उसके अन्दर कर दू, तो आप अपने आप को बचाने के लिए पूरी एनर्जी लगा दोगे क्योंकि प्रॉब्लम बड़ी है, तो जितनी बड़ी प्रॉब्लम उतनी बड़ी एनर्जी। -संदीप माहेश्वरी

आप किसी भी लूज़र के पास चले जाओ उसके पास लिस्ट होगी बहानों की, कि मैं इस वजह से फ़ैल हुआ अपनी लाइफ में, इस वजह से में कुछ नहीं कर पाया, बहुत लम्बी लिस्ट है, और दूसरी तरफ विनर के पास चले जाओ उसके पास में हजार वजह होगी ना करने की जो वो करना चाहता है सिर्फ एक वजह होगी वो करने की जो वो करना चाहता है और वो कर जाएगा।

आप किसी भी लूज़र के पास चले जाओ उसके पास लिस्ट होगी बहानों की, कि मैं इस वजह से फ़ैल हुआ अपनी लाइफ में, इस वजह से में कुछ नहीं कर पाया, बहुत लम्बी लिस्ट है, और दूसरी तरफ विनर के पास चले जाओ उसके पास में हजार वजह होगी ना करने की जो वो करना चाहता है सिर्फ एक वजह होगी वो करने की जो वो करना चाहता है और वो कर जाएगा।

इस दुनिया में ग्रेटेस्ट व्यक्ति वो है जो अपने काम में पूरा 100% लगा देता है।
-संदीप माहेश्वरी

इस दुनिया में ग्रेटेस्ट व्यक्ति वो है जो अपने काम में पूरा 100% लगा देता है। -संदीप माहेश्वरी

एक तरफ है मज़ा, और एक तरफ है दर्द, इन दोनों के बिच में बैलेंस बनाना है।
-संदीप माहेश्वरी

एक तरफ है मज़ा, और एक तरफ है दर्द, इन दोनों के बिच में बैलेंस बनाना है। -संदीप माहेश्वरी

अपने अन्दर यूनिकनेस को डेवलप करो इससे क्या होगा कि धीरे-धीरे आपकी यह आदत बन जाएगी, जो फॉलो करने की आदत है वो बदल जाएगी, अपने अन्दर की आवाज को सुन कर के कुछ नया करने की।
-संदीप माहेश्वरी

अपने अन्दर यूनिकनेस को डेवलप करो इससे क्या होगा कि धीरे-धीरे आपकी यह आदत बन जाएगी, जो फॉलो करने की आदत है वो बदल जाएगी, अपने अन्दर की आवाज को सुन कर के कुछ नया करने की। -संदीप माहेश्वरी

यह जिंदगी एक के बाद एक बॉल के रूप में अवसर देती है, अगर अवसर छुट जाये यानी बॉल छुट जाये तो हमारा ध्यान दूसरी बॉल पर होना चाहिए।
-संदीप माहेश्वरी

यह जिंदगी एक के बाद एक बॉल के रूप में अवसर देती है, अगर अवसर छुट जाये यानी बॉल छुट जाये तो हमारा ध्यान दूसरी बॉल पर होना चाहिए। -संदीप माहेश्वरी

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