सक्सेस मिलता है फेलियर मिलता है, क्या फर्क पड़ता है, पैसा आता है जाता है क्या फर्क पड़ता है, पिछले हजारो लाखो करोड़ो सालो में देखलो मेरे को एक भी ऐसा इन्सान दिखा दो जिसने कुछ पैसा कमाया हो या कोई चीज बनाई हो और अभी भी वो जिन्दा हो, चाहे वो चीज या इन्सान हो, न चीज रहती है न इन्सान रहता है, न यह बॉडी रहती है।

सक्सेस मिलता है फेलियर मिलता है, क्या फर्क पड़ता है, पैसा आता है जाता है क्या फर्क पड़ता है, पिछले हजारो लाखो करोड़ो सालो में देखलो मेरे को एक भी ऐसा इन्सान दिखा दो जिसने कुछ पैसा कमाया हो या कोई चीज बनाई हो और अभी भी वो जिन्दा हो, चाहे वो चीज या इन्सान हो, न चीज रहती है न इन्सान रहता है, न यह बॉडी रहती है।

आप कोई पैसा मैन्यूफैक्चरींग करने वाली मशीन नहीं हो जो पुरे दिन 6-7 घंटे काम करके महीने के कुछ अमाउंट में पैसे बनाते हो, आप एक इन्सान हो और इन्सान सोच कर कुछ नया करने की काबिलियत रखता है।

आप कोई पैसा मैन्यूफैक्चरींग करने वाली मशीन नहीं हो जो पुरे दिन 6-7 घंटे काम करके महीने के कुछ अमाउंट में पैसे बनाते हो, आप एक इन्सान हो और इन्सान सोच कर कुछ नया करने की काबिलियत रखता है।

जब आप किसी इन्सान के साथ में कोई भी कोर्स शुरू करते है, और कुछ सालो बाद आपका दोस्त कहाँ से कहाँ पहुच गया और आप वही के वही रह गए, तो ऐसी स्थिति में बजाय की उससे जलने के उस दोस्त को जानने की कोशिश करे की ऐसा क्या वो जनता है जो आप सिखने से रह गए।

जब आप किसी इन्सान के साथ में कोई भी कोर्स शुरू करते है, और कुछ सालो बाद आपका दोस्त कहाँ से कहाँ पहुच गया और आप वही के वही रह गए, तो ऐसी स्थिति में बजाय की उससे जलने के उस दोस्त को जानने की कोशिश करे की ऐसा क्या वो जनता है जो आप सिखने से रह गए।

ज़िन्दगी में कभी भी कुछ करना है तो सच बोल दो, घुमा-फिरा के बात मत करो।
-संदीप माहेश्वरी

ज़िन्दगी में कभी भी कुछ करना है तो सच बोल दो, घुमा-फिरा के बात मत करो। -संदीप माहेश्वरी

आज की तारीख में इंडिया में इतने अवसर है जिसकी कोई हद नहीं, बस यह सोच चाहिए कि जहा सारे लोग का ध्यान है वहा आपका नहीं होना चाहिए।
-संदीप माहेश्वरी

आज की तारीख में इंडिया में इतने अवसर है जिसकी कोई हद नहीं, बस यह सोच चाहिए कि जहा सारे लोग का ध्यान है वहा आपका नहीं होना चाहिए। -संदीप माहेश्वरी

आपके जीने की वजह बहुत बड़ी होनी चाहिए, अगर वो बड़ी है तो वो अपने आप ही आपसे बड़े-बड़े काम करवाते चली जाएगी।
-संदीप माहेश्वरी

आपके जीने की वजह बहुत बड़ी होनी चाहिए, अगर वो बड़ी है तो वो अपने आप ही आपसे बड़े-बड़े काम करवाते चली जाएगी। -संदीप माहेश्वरी

यह बात अच्छी तरह से समझ लो कि आपका किसी भी इन्सान के अन्दर जिस भी आदत पर ध्यान जाता है आप वैसे ही बनते जाते हो।

यह बात अच्छी तरह से समझ लो कि आपका किसी भी इन्सान के अन्दर जिस भी आदत पर ध्यान जाता है आप वैसे ही बनते जाते हो।

एक इन्सान है जिसका डिजायर ही इतना सा है कि किसी भी तरह से 10 हजार रूपए की नौकरी मिल जाये बस, किस तरह के विचार होगे उसके, किस लेवल का एक्शन होगा उसका, क्या वो बहुत बङे लेवल पर एक्ट करेगा? उसकी सोच उस 10 हजार रूपए से आगे बढ़ ही नहीं सकती, और 10 हजार का अगर 11 हजार रूपए मिल गए तो बल्ले-बल्ले करेगा वो बैठ कर के।

एक इन्सान है जिसका डिजायर ही इतना सा है कि किसी भी तरह से 10 हजार रूपए की नौकरी मिल जाये बस, किस तरह के विचार होगे उसके, किस लेवल का एक्शन होगा उसका, क्या वो बहुत बङे लेवल पर एक्ट करेगा? उसकी सोच उस 10 हजार रूपए से आगे बढ़ ही नहीं सकती, और 10 हजार का अगर 11 हजार रूपए मिल गए तो बल्ले-बल्ले करेगा वो बैठ कर के।

सफलता मिलती है अनुभवों से और अनुभव मिलते है ख़राब अनुभवों से।
-संदीप माहेश्वरी

सफलता मिलती है अनुभवों से और अनुभव मिलते है ख़राब अनुभवों से। -संदीप माहेश्वरी

ये दुनिया बदलेगी, क्योंकि यह भी होना आसान है।
-संदीप माहेश्वरी

ये दुनिया बदलेगी, क्योंकि यह भी होना आसान है। -संदीप माहेश्वरी

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