सुख और दुःख में समान रूप से सहायक होना चाहिए।

सुख और दुःख में समान रूप से सहायक होना चाहिए।

कामी पुरुष कोई कार्य नहीं कर सकता।

कामी पुरुष कोई कार्य नहीं कर सकता।

कोई व्यक्ति अपने कार्यों से महान होता है, अपने जन्म से नहीं।

कोई व्यक्ति अपने कार्यों से महान होता है, अपने जन्म से नहीं।

एक संतुलित मन के बराबर कोई तपस्या नहीं है। संतोष के बराबर कोई खुशी नहीं है। लोभ के जैसी कोई बिमारी नहीं है। दया के जैसा कोई सदाचार नहीं है। - आचार्य चाणक्य

एक संतुलित मन के बराबर कोई तपस्या नहीं है। संतोष के बराबर कोई खुशी नहीं है। लोभ के जैसी कोई बिमारी नहीं है। दया के जैसा कोई सदाचार नहीं है। – आचार्य चाणक्य

जुए में लिप्त रहने वाले के कार्य पूरे नहीं होते हैं।

जुए में लिप्त रहने वाले के कार्य पूरे नहीं होते हैं।

एक उत्कृष्ट बात जो शेर से सीखी जा सकती है वो ये है कि व्यक्ति जो कुछ भी करना चाहता है उसे पूरे दिल और ज़ोरदार प्रयास के साथ करे।

एक उत्कृष्ट बात जो शेर से सीखी जा सकती है वो ये है कि व्यक्ति जो कुछ भी करना चाहता है उसे पूरे दिल और ज़ोरदार प्रयास के साथ करे।

राज्यतंत्र को ही नीतिशास्त्र कहते हैं।

राज्यतंत्र को ही नीतिशास्त्र कहते हैं।

ज्ञान से राजा अपनी आत्मा का परिष्कार करता है, सम्पादन करता है।

ज्ञान से राजा अपनी आत्मा का परिष्कार करता है, सम्पादन करता है।

कार्य का स्वरुप निर्धारित हो जाने के बाद वह कार्य लक्ष्य बन जाता है।

कार्य का स्वरुप निर्धारित हो जाने के बाद वह कार्य लक्ष्य बन जाता है।

समय का ज्ञान ना रखने वाले राजा का कर्म समय के द्वारा ही नष्ट हो जाता है।

समय का ज्ञान ना रखने वाले राजा का कर्म समय के द्वारा ही नष्ट हो जाता है।

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