प्रकृति (सहज) रूप से प्रजा के संपन्न होने से नेता विहीन राज्य भी संचालित होता रहता है।

प्रकृति (सहज) रूप से प्रजा के संपन्न होने से नेता विहीन राज्य भी संचालित होता रहता है।

दुष्ट स्त्री बुद्धिमान व्यक्ति के शरीर को भी निर्बल बना देती है।

दुष्ट स्त्री बुद्धिमान व्यक्ति के शरीर को भी निर्बल बना देती है।

आत्मविजयी सभी प्रकार की संपत्ति एकत्र करने में समर्थ होता है।

आत्मविजयी सभी प्रकार की संपत्ति एकत्र करने में समर्थ होता है।

अगर सांप जहरीला ना भी हो तो उसे खुद को जहरीला दिखाना चाहिए।

अगर सांप जहरीला ना भी हो तो उसे खुद को जहरीला दिखाना चाहिए।

दूसरे हाथों में गया हुआ धन कभी वापस नहीं आता।

दूसरे हाथों में गया हुआ धन कभी वापस नहीं आता।

कभी भी उनसे मित्रता मत कीजिये जो आपसे कम या ज्यादा प्रतिष्ठा के हों, ऐसी मित्रता कभी आपको ख़ुशी नहीं देगी।

कभी भी उनसे मित्रता मत कीजिये जो आपसे कम या ज्यादा प्रतिष्ठा के हों, ऐसी मित्रता कभी आपको ख़ुशी नहीं देगी।

किसी प्राणी के वंश का पता उसके व्यवहार से ही लग जाता है।

किसी प्राणी के वंश का पता उसके व्यवहार से ही लग जाता है।

जिस जगह झगड़ा हो रहा हो वहां पर कभी भी खड़े नहीं होना चाहिए। कई बार ऐसे झगड़ों में बेगुनाह मारे जाते हैं।

जिस जगह झगड़ा हो रहा हो वहां पर कभी भी खड़े नहीं होना चाहिए। कई बार ऐसे झगड़ों में बेगुनाह मारे जाते हैं।

भाग्य के विपरीत होने पर अच्छा कर्म भी दु:खदायी हो जाता है।

भाग्य के विपरीत होने पर अच्छा कर्म भी दु:खदायी हो जाता है।

ईश्वर मूर्तियों में नहीं है। आपकी भावनाएँ ही आपका ईश्वर है। आत्मा आपका मंदिर है।

ईश्वर मूर्तियों में नहीं है। आपकी भावनाएँ ही आपका ईश्वर है। आत्मा आपका मंदिर है।

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