ईर्ष्या, असफलता का दूसरा नाम है ईर्ष्या करने से अपना ही महत्व कम होता है।

ईर्ष्या, असफलता का दूसरा नाम है ईर्ष्या करने से अपना ही महत्व कम होता है।

व्यापारी के लिए कोई भी देश दूर नहीं होता, वह अपने कारोबार के लिए कहीं भी जा सकता है।

व्यापारी के लिए कोई भी देश दूर नहीं होता, वह अपने कारोबार के लिए कहीं भी जा सकता है।

पुरुष आदि काल से ही चंचल है। इस संसार में भगवान को छोड़कर हर चीज़ अस्थाई है। लक्ष्मी तो रमणी है सदा न्रत्य करती है।

पुरुष आदि काल से ही चंचल है। इस संसार में भगवान को छोड़कर हर चीज़ अस्थाई है। लक्ष्मी तो रमणी है सदा न्रत्य करती है।

कोई जंगल सारा जैसे एक सुगंध भरे वृक्ष से महक जाता है उसी तरह एक गुणवान पुत्र से सारे कुल का नाम बढता है।

कोई जंगल सारा जैसे एक सुगंध भरे वृक्ष से महक जाता है उसी तरह एक गुणवान पुत्र से सारे कुल का नाम बढता है।

परिश्रम करने से इंसान की गरीबी दूर हो जाती है और पूजा करने से पाप दूर हो जाते हैं।

परिश्रम करने से इंसान की गरीबी दूर हो जाती है और पूजा करने से पाप दूर हो जाते हैं।

ज्ञानी और छल-कपट से रहित शुद्ध मन वाले व्यक्ति को ही मंत्री बनाएँ।

ज्ञानी और छल-कपट से रहित शुद्ध मन वाले व्यक्ति को ही मंत्री बनाएँ।

जो तुम्हारी बात को सुनते हुए इधर-उधर देखे उस आदमी पर कभी भी विश्वास न करे।

जो तुम्हारी बात को सुनते हुए इधर-उधर देखे उस आदमी पर कभी भी विश्वास न करे।

सिंह भूखा होने पर भी तिनका नहीं खाता।

सिंह भूखा होने पर भी तिनका नहीं खाता।

इस संसार में कोई ऐसा प्राणी नहीं है जिसमें कोई दोष न हो।

इस संसार में कोई ऐसा प्राणी नहीं है जिसमें कोई दोष न हो।

समय का ध्यान नहीं रखने वाला व्यक्ति अपने जीवन में निर्विघ्न नहीं रहता।

समय का ध्यान नहीं रखने वाला व्यक्ति अपने जीवन में निर्विघ्न नहीं रहता।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here