विद्या ही निर्धन का धन है।

विद्या ही निर्धन का धन है।

जो व्यक्ति शक्ति न होने पर मन में हार नहीं मानता उसे संसार की कोई भी ताकत परास्त नहीं कर सकती।

जो व्यक्ति शक्ति न होने पर मन में हार नहीं मानता उसे संसार की कोई भी ताकत परास्त नहीं कर सकती।

जन्म-मरण में दुःख ही है।

जन्म-मरण में दुःख ही है।

प्रयत्न ना करने से कार्य में विघ्न पड़ता है।

प्रयत्न ना करने से कार्य में विघ्न पड़ता है।

अप्राप्त लाभ आदि राज्यतंत्र के चार आधार हैं।

अप्राप्त लाभ आदि राज्यतंत्र के चार आधार हैं।

जो हमारे दिल में रहता है, वो दूर होके भी पास है। लेकिन जो हमारे दिल में नहीं रहता, वो पास होके भी दूर है।

जो हमारे दिल में रहता है, वो दूर होके भी पास है। लेकिन जो हमारे दिल में नहीं रहता, वो पास होके भी दूर है।

एक समझदार आदमी को सारस की तरह होश से काम लेना चाहिए और जगह, वक्त और अपनी योग्यता को समझते हुए अपने कार्य को सिद्ध करना चाहिए।

एक समझदार आदमी को सारस की तरह होश से काम लेना चाहिए और जगह, वक्त और अपनी योग्यता को समझते हुए अपने कार्य को सिद्ध करना चाहिए।

मौत कभी सोती नहीं, वह हमेशा जागती रहती है, इसलिए मौत को कभी मत भूलो।

मौत कभी सोती नहीं, वह हमेशा जागती रहती है, इसलिए मौत को कभी मत भूलो।

नारी और धन दोनों ही कभी भी धोखा दे सकते हैं इसलिए इन दोनों के बारे में सदा होशियार रहें।

नारी और धन दोनों ही कभी भी धोखा दे सकते हैं इसलिए इन दोनों के बारे में सदा होशियार रहें।

बहुत भले बनकर जीवन नहीं व्यतीत किया जा सकता। भले और सीधे आदमी को हर कोई दबा लेता है, उसकी शराफत और ईमानदारी को लोग पागलपन समझते हैं।

बहुत भले बनकर जीवन नहीं व्यतीत किया जा सकता। भले और सीधे आदमी को हर कोई दबा लेता है, उसकी शराफत और ईमानदारी को लोग पागलपन समझते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here