पागल शिष्य का उपदेश देना, दुखी लोगों से मेलजोल रखना, इन सब चीजों से बुद्धिमान दुखी रहते हैं।

पागल शिष्य का उपदेश देना, दुखी लोगों से मेलजोल रखना, इन सब चीजों से बुद्धिमान दुखी रहते हैं।

प्रत्यक्ष और परोक्ष साधनों के अनुमान से कार्य की परीक्षा करें।

प्रत्यक्ष और परोक्ष साधनों के अनुमान से कार्य की परीक्षा करें।

अपने से अधिक शक्तिशाली और समान बल वाले से शत्रुता ना करें।

अपने से अधिक शक्तिशाली और समान बल वाले से शत्रुता ना करें।

सभी प्रकार के डरो में सबसे बड़ा डर बदनामी का होता है।

सभी प्रकार के डरो में सबसे बड़ा डर बदनामी का होता है।

मनुष्य की चार चीजों धन, जीवन, वासना और भोजन की भूख कभी नहीं मिटती। इन सबके लिए मनुष्य हमेशा भूखा रहता है, भले ही उसे यह चीजें कितनी भी मिल जाएं लेकिन उसकी लालसा समाप्त नहीं होती।

मनुष्य की चार चीजों धन, जीवन, वासना और भोजन की भूख कभी नहीं मिटती। इन सबके लिए मनुष्य हमेशा भूखा रहता है, भले ही उसे यह चीजें कितनी भी मिल जाएं लेकिन उसकी लालसा समाप्त नहीं होती।

लापरवाही अथवा आलस्य से भेद खुल जाता है।

लापरवाही अथवा आलस्य से भेद खुल जाता है।

जैसे जंगल में सीधे पेड़ों को पहले काटा जाता है तथा टेढ़े-मेढ़े पेड़ों छोङते हैं। इसलिए आप इतने सीधे मत बनिए की लोग लूटकर ही खा जाएं।

जैसे जंगल में सीधे पेड़ों को पहले काटा जाता है तथा टेढ़े-मेढ़े पेड़ों छोङते हैं। इसलिए आप इतने सीधे मत बनिए की लोग लूटकर ही खा जाएं।

धर्म, गुरु का ज्ञान, दवाइयां आदि का सदा संग्रह करके रखना चाहिए, समय आने पर यह सब चीजें इंसान के काम आती है।

धर्म, गुरु का ज्ञान, दवाइयां आदि का सदा संग्रह करके रखना चाहिए, समय आने पर यह सब चीजें इंसान के काम आती है।

जो प्राणी मन से अपना काम करते हैं वे सदा सुखी रहते हैं।

जो प्राणी मन से अपना काम करते हैं वे सदा सुखी रहते हैं।

ऋण, शत्रु और रोग को समाप्त कर देना चाहिए।

ऋण, शत्रु और रोग को समाप्त कर देना चाहिए।

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