297 Quotes by Aacharya Chanakya in Hindi -) Chanakya Niti Lines

अच्छा पुत्र वही होता है जो मां बाप की आज्ञा का पालन करें।

अच्छा पुत्र वही होता है जो मां बाप की आज्ञा का पालन करें।

पागल व्यक्ति, कोढ़ी, कुंवारी लड़की और ढोंगी साधुओं से दूर से ही नमस्कार करना चाहिए।

पागल व्यक्ति, कोढ़ी, कुंवारी लड़की और ढोंगी साधुओं से दूर से ही नमस्कार करना चाहिए।

छः कानों में पड़ने से (तीसरे व्यक्ति को पता पड़ने से) मंत्रणा का भेद खुल जाता है।

छः कानों में पड़ने से (तीसरे व्यक्ति को पता पड़ने से) मंत्रणा का भेद खुल जाता है।

दक्षिणा लेने के बाद ब्राह्मण, यजमान को, विद्या प्राप्त करने के बाद शिष्य गुरु को छोड़ कर चले जाते हैं, यही संसार का नियम है कि हर जीव जंतु और मनुष्य अपना काम होने पर छोड़ देते हैं।

दक्षिणा लेने के बाद ब्राह्मण, यजमान को, विद्या प्राप्त करने के बाद शिष्य गुरु को छोड़ कर चले जाते हैं, यही संसार का नियम है कि हर जीव जंतु और मनुष्य अपना काम होने पर छोड़ देते हैं।

गुणवान की प्रशंसा तो सभी लोग करते हैं किंतु गुणवान व्यक्ति यदि अपने मुंह से स्वयं की प्रशंसा करें तो अच्छा नहीं लगता।

गुणवान की प्रशंसा तो सभी लोग करते हैं किंतु गुणवान व्यक्ति यदि अपने मुंह से स्वयं की प्रशंसा करें तो अच्छा नहीं लगता।

दूध पीने के लिए गाय का बछड़ा अपनी माँ के थनों पर प्रहार करता है।

दूध पीने के लिए गाय का बछड़ा अपनी माँ के थनों पर प्रहार करता है।

लड़की की शादी सदा अच्छे घर में करनी चाहिए और बेटे को शिक्षा अवश्य दिलवानी चाहिए।

लड़की की शादी सदा अच्छे घर में करनी चाहिए और बेटे को शिक्षा अवश्य दिलवानी चाहिए।

वो जिसका ज्ञान बस किताबों तक सीमित है और जिसका धन दूसरों के कब्ज़े मैं है, वो ज़रुरत पड़ने पर ना अपना ज्ञान प्रयोग कर सकता है ना धन।

वो जिसका ज्ञान बस किताबों तक सीमित है और जिसका धन दूसरों के कब्ज़े मैं है, वो ज़रुरत पड़ने पर ना अपना ज्ञान प्रयोग कर सकता है ना धन।

इन्द्रियों पर विजय का आधार विनम्रता है।

इन्द्रियों पर विजय का आधार विनम्रता है।

दूसरों का भला चाहने वाले ही आत्मिक शांति प्राप्त कर सकते हैं।

दूसरों का भला चाहने वाले ही आत्मिक शांति प्राप्त कर सकते हैं।

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