पहले निश्चय करिए, फिर कार्य आरम्भ करें।

पहले निश्चय करिए, फिर कार्य आरम्भ करें।

सांप के फन, मक्खी के मुख और बिच्छु के डंक में ज़हर होता है पर दुष्ट व्यक्ति तो इससे भरा होता है।

सांप के फन, मक्खी के मुख और बिच्छु के डंक में ज़हर होता है पर दुष्ट व्यक्ति तो इससे भरा होता है।

जो अपने कर्तव्यों से बचते हैं, वे अपने आश्रितों परिजनों का भरण-पोषण नहीं कर पाते।

जो अपने कर्तव्यों से बचते हैं, वे अपने आश्रितों परिजनों का भरण-पोषण नहीं कर पाते।

जीवन में किसी भी खतरे को सामने देखकर डरना नहीं चाहिए।

जीवन में किसी भी खतरे को सामने देखकर डरना नहीं चाहिए।

मनुष्य की वाणी ही विष और अमृत की खान है।

मनुष्य की वाणी ही विष और अमृत की खान है।

मंत्रणा के समय कर्तव्य पालन में कभी ईर्ष्या नहीं करनी चाहिए।

मंत्रणा के समय कर्तव्य पालन में कभी ईर्ष्या नहीं करनी चाहिए।

संधि और एकता होने पर भी सतर्क रहें।

संधि और एकता होने पर भी सतर्क रहें।

जो राजा शक्तिशाली नहीं होता, प्रजा कभी भी उस राजा का साथ नहीं देती।

जो राजा शक्तिशाली नहीं होता, प्रजा कभी भी उस राजा का साथ नहीं देती।

आलसी का ना वर्तमान होता है, ना भविष्य।

आलसी का ना वर्तमान होता है, ना भविष्य।

सोने के साथ मिलकर चांदी भी सोने जैसी दिखाई पड़ती है अर्थात सत्संग का प्रभाव मनुष्य पर अवश्य पड़ता है।

सोने के साथ मिलकर चांदी भी सोने जैसी दिखाई पड़ती है अर्थात सत्संग का प्रभाव मनुष्य पर अवश्य पड़ता है।

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