जैसे आकाश के लिए सितारे हैं, वैसे ही धरती के लिए बेटियां हैं।

जैसे आकाश के लिए सितारे हैं, वैसे ही धरती के लिए बेटियां हैं।

वो शाख है न फूल अगर तितलियाँ न हों, वो घर भी कोई घर है जहां बेटियां न हूँ।

वो शाख है न फूल अगर तितलियाँ न हों, वो घर भी कोई घर है जहां बेटियां न हूँ।

एक मीठी सी मुस्कान हैं बेटी, यह सच है कि मेहमान हैं बेटी, उस घर की पहचान बनने चली जिस घर से अनजान हैं बेटी।

एक मीठी सी मुस्कान हैं बेटी, यह सच है कि मेहमान हैं बेटी, उस घर की पहचान बनने चली जिस घर से अनजान हैं बेटी।

बेटियों की बदौलत ही आबाद है घर-परिवार, अगर न होती बेटियाँ तो थम जाता यह संसार।

बेटियों की बदौलत ही आबाद है घर-परिवार, अगर न होती बेटियाँ तो थम जाता यह संसार।

बेटी को पढ़ालिखा कर काबिल बनाया है, इस तरह एक बाप ने उसे आत्मसम्मान दिलाया है।

बेटी को पढ़ालिखा कर काबिल बनाया है, इस तरह एक बाप ने उसे आत्मसम्मान दिलाया है।

बिना सियासत और दौलत के भी सिर पे ताज रखती है, बेटी जब तक बाप के घर हो तो रानी जैसे राज करती है।

बिना सियासत और दौलत के भी सिर पे ताज रखती है, बेटी जब तक बाप के घर हो तो रानी जैसे राज करती है।

लाख गुलाब लगा लो तुम अपने आँगन में, जीवन में खुशबू तो बेटी के आने से ही होगी।

लाख गुलाब लगा लो तुम अपने आँगन में, जीवन में खुशबू तो बेटी के आने से ही होगी।

जितना भी देखो उसे देखे थकती नहीं आंखे, साहब बेटियां होती ही है खुदा की नियामते।

जितना भी देखो उसे देखे थकती नहीं आंखे, साहब बेटियां होती ही है खुदा की नियामते।

लड़कियाँ ही हैं जो हर रंग रूप में ढल जाती हैं ये बेटी, बहन, बहु ,माँ बनके संसार बसाती है।

लड़कियाँ ही हैं जो हर रंग रूप में ढल जाती हैं ये बेटी, बहन, बहु ,माँ बनके संसार बसाती है।

माँ की मुस्कान है बेटियां, पिता की अभिमान है बेटियां

माँ की मुस्कान है बेटियां, पिता की अभिमान है बेटियां

परिंदों की तरह रखा करो इन बेटियों को, ये पाज़ेब नहीं जो बाँधने से ही शोभा दे।

परिंदों की तरह रखा करो इन बेटियों को, ये पाज़ेब नहीं जो बाँधने से ही शोभा दे।

बेटियाँ सब के मुक़द्दर में कहाँ होती हैं, घर खुदा को जो पसंद आये वहाँ होती हैं।

बेटियाँ सब के मुक़द्दर में कहाँ होती हैं, घर खुदा को जो पसंद आये वहाँ होती हैं।

पराया होकर भी कभी पराई नही होती, शायद इसलिए कभी पिता से हँसकर बेटी की बिदाई नही होती।

पराया होकर भी कभी पराई नही होती, शायद इसलिए कभी पिता से हँसकर बेटी की बिदाई नही होती।

मम्मी का हाथ बटाती, पापा का नाम कराती, कितनी मुश्किलें क्यू ना हो बेटी सबको हंसके गले लगाती।

मम्मी का हाथ बटाती, पापा का नाम कराती, कितनी मुश्किलें क्यू ना हो बेटी सबको हंसके गले लगाती।

क्या कहूं कि बेटियां क्या होती हैं, ये जो न हो तो बस क़िस्मत सोती है।

क्या कहूं कि बेटियां क्या होती हैं, ये जो न हो तो बस क़िस्मत सोती है।

ऐसा लगता है कि जैसे ख़त्म मेला हो गया, उड़ गईं आँगन से चिड़ियाँ घर अकेला हो गया।

ऐसा लगता है कि जैसे ख़त्म मेला हो गया, उड़ गईं आँगन से चिड़ियाँ घर अकेला हो गया।

बेटियों की बदौलत ही आबाद है घर-परिवार, अगर न होती बेटियाँ तो थम जाता यह संसार।

बेटियों की बदौलत ही आबाद है घर-परिवार, अगर न होती बेटियाँ तो थम जाता यह संसार।

जिस घर मे होती है बेटियां, रौशनी हरपल रहती है वहा हरदम सुख ही बरसे उस घर मुस्कान बिखेरे बेटियां जहाँ।

जिस घर मे होती है बेटियां, रौशनी हरपल रहती है वहा हरदम सुख ही बरसे उस घर मुस्कान बिखेरे बेटियां जहाँ।

फरमान है दुनिया वालों से, खुदा से ऊपर पहुँच नहीं बेटी से जीवन जन्नत है, बेटी जीवन पर बोझ नही।

फरमान है दुनिया वालों से, खुदा से ऊपर पहुँच नहीं बेटी से जीवन जन्नत है, बेटी जीवन पर बोझ नही।

बेटी की हर ख्वाहिश पूरी नहीं होती, फिर भी बेटिया कभी भी अधूरी नहीं होती।

बेटी की हर ख्वाहिश पूरी नहीं होती, फिर भी बेटिया कभी भी अधूरी नहीं होती।

ज़रूरी नहीं रौशनी चिरगो से ही हो, बेटिया भी घर में उजाला करती हैं।

ज़रूरी नहीं रौशनी चिरगो से ही हो, बेटिया भी घर में उजाला करती हैं।

बेटियाँ सब के मुक़द्दर में कहाँ होती हैं, घर खुदा को जो पसंद आये वहाँ होती हैं।

बेटियाँ सब के मुक़द्दर में कहाँ होती हैं, घर खुदा को जो पसंद आये वहाँ होती हैं।

माँ-बाप के जीवन में ये दिन भी आता है, दिल का टुकड़ा ही एक दिन दूर हो जाता है।

माँ-बाप के जीवन में ये दिन भी आता है, दिल का टुकड़ा ही एक दिन दूर हो जाता है।

एक मीठी सी मुस्कान हैं बेटी, यह सच है कि मेहमान हैं बेटी, उस घर की पहचान बनने चली जिस घर से अनजान हैं बेटी।

एक मीठी सी मुस्कान हैं बेटी, यह सच है कि मेहमान हैं बेटी, उस घर की पहचान बनने चली जिस घर से अनजान हैं बेटी।

बेटा अंश हैं तो बेटी वंश हैं, बेटा आन हैं तो बेटी शान हैं।

बेटा अंश हैं तो बेटी वंश हैं, बेटा आन हैं तो बेटी शान हैं।

बेटों से ज्यादा बेटिया रिश्तो की कदर करती है, तभी तो दूर रहकर भी वो अपने रिश्तो की फिकर करती है।

बेटों से ज्यादा बेटिया रिश्तो की कदर करती है, तभी तो दूर रहकर भी वो अपने रिश्तो की फिकर करती है।

बाप और बेटी की एक बात एक जैसी होती है, दोनों को अपनी गुड़िया से बहुत प्यार होता है।

बाप और बेटी की एक बात एक जैसी होती है, दोनों को अपनी गुड़िया से बहुत प्यार होता है।

किस्मत वाले है वो लोग जिन्हें बेटियां नसीब होती है, ये सच है कि उन लोगों को रब की मोहब्बत नसीब होती है।

किस्मत वाले है वो लोग जिन्हें बेटियां नसीब होती है, ये सच है कि उन लोगों को रब की मोहब्बत नसीब होती है।

बेटे भाग्य से होते हैं, पर बेटियाँ सौभाग्य से होती हैं।

बेटे भाग्य से होते हैं, पर बेटियाँ सौभाग्य से होती हैं।

बेटी जिस घर जन्म लेती है, खुशियों से उसे भर देती है, हलकी सी मुस्कान से अपने सारे दर्द हर लेती है।

बेटी जिस घर जन्म लेती है, खुशियों से उसे भर देती है, हलकी सी मुस्कान से अपने सारे दर्द हर लेती है।

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