मेरा नसीब अच्छा था जो तेरा दीदार हो गया, पहले मैं अकेली थी और अब अकेलेपन की शिकार हो गयी।

मेरा नसीब अच्छा था जो तेरा दीदार हो गया, पहले मैं अकेली थी और अब अकेलेपन की शिकार हो गयी।

अकेलेपन से कोई बैर नही है मुझे, डरता हूँ की कोई याद ना आ जाये मुझे।

अकेलेपन से कोई बैर नही है मुझे, डरता हूँ की कोई याद ना आ जाये मुझे।

जनाब जिसको हम जितनी ज्यादा अहमियत देते है ना, एक समय ऐसा भी आता है जब वही इंसान आपको अकेला छोड़ कर चला जाता है।

जनाब जिसको हम जितनी ज्यादा अहमियत देते है ना, एक समय ऐसा भी आता है जब वही इंसान आपको अकेला छोड़ कर चला जाता है।

खुशियों को बाँटता हुआ एक मेला हूँ मैं, सच कहूँ तो अपनों में भी बहुत अकेला हूँ मैं।

खुशियों को बाँटता हुआ एक मेला हूँ मैं, सच कहूँ तो अपनों में भी बहुत अकेला हूँ मैं।

जो सबसे अलग होते है उनके साथ कोई नहीं भी होता है, वैसे भी मेरे साथ कोई होगा इसकी कोई उम्मीद भी नहीं है।

जो सबसे अलग होते है उनके साथ कोई नहीं भी होता है, वैसे भी मेरे साथ कोई होगा इसकी कोई उम्मीद भी नहीं है।

कैसे मान लिया तुम अकेले हो , दूर हूँ तुमसे यह मजबूरी है मेरी, पुकारो अगर शिद्दत से मुझको चला आऊँगा मैं राह में तेरी।

कैसे मान लिया तुम अकेले हो , दूर हूँ तुमसे यह मजबूरी है मेरी, पुकारो अगर शिद्दत से मुझको चला आऊँगा मैं राह में तेरी।

मेरे अकेलेपन ने भी क्या खूब साथ निभाया इस ज़िन्दगी में, कि अब तो आलम ये है कि हम दीवारों से भी बातें करते हैं।

मेरे अकेलेपन ने भी क्या खूब साथ निभाया इस ज़िन्दगी में, कि अब तो आलम ये है कि हम दीवारों से भी बातें करते हैं।

सुनो तुम्हारे जाने के बाद हम कभी अकेलापन महसूस ही नहीं कर पायें, क्या करते कमबख्त तनहाईयों को मोहब्बत जो हो गई है हमसे।

सुनो तुम्हारे जाने के बाद हम कभी अकेलापन महसूस ही नहीं कर पायें, क्या करते कमबख्त तनहाईयों को मोहब्बत जो हो गई है हमसे।

कौन कहता है जनाब ये अकेलापन खलता है, जब जिंदगी की समझ हो जाए तो खुद का साथ भी भाता है।

कौन कहता है जनाब ये अकेलापन खलता है, जब जिंदगी की समझ हो जाए तो खुद का साथ भी भाता है।

इस अकेलेपन में कभी खुद से भी बात कर लिया करो, इस अधूरेपन को कभी खुद से भी पूरा कर लिया करो, इस मतलबी सी दुनिया में कभी खुद से भी प्यार कर लिया करो, गैरों से अच्छा तो दो-चार गुफ़्तगू कभी खुद से भी कर लिया करो।

इस अकेलेपन में कभी खुद से भी बात कर लिया करो, इस अधूरेपन को कभी खुद से भी पूरा कर लिया करो, इस मतलबी सी दुनिया में कभी खुद से भी प्यार कर लिया करो, गैरों से अच्छा तो दो-चार गुफ़्तगू कभी खुद से भी कर लिया करो।

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