Aashiqui Shayari ॥ आशिकी शायरी

आशिक है पागल दिल लगाने वाले, माशूक है अब के ज़माने वाले।

आशिक है पागल दिल लगाने वाले, माशूक है अब के ज़माने वाले।

प्रेम यक़ीन दिलाने का मोहताज नहीं होता एक दिल धड़कता है तो दुजा समझता है।

प्रेम यक़ीन दिलाने का मोहताज नहीं होता एक दिल धड़कता है तो दुजा समझता है।

तेरे होंठों पे हो बस मुस्कान ऐसा में कुछ आज करू, ना होने दो कभी मोहब्बत कम इतना जी भर के तुझे प्यार करू।

तेरे होंठों पे हो बस मुस्कान ऐसा में कुछ आज करू, ना होने दो कभी मोहब्बत कम इतना जी भर के तुझे प्यार करू।

यादों का यह कारवां हमेशा रहेगा, दूर जाते हुए भी प्यार वही रहेगा, माफ़ करना मिल न सके आपसे, यकीन रखना अखियों में इंतज़ार वही रहेगा।

यादों का यह कारवां हमेशा रहेगा, दूर जाते हुए भी प्यार वही रहेगा, माफ़ करना मिल न सके आपसे, यकीन रखना अखियों में इंतज़ार वही रहेगा।

मुमकिन हो तो मेरे दिल मे रह लो, इससे हसीन मेरे पास कोई घर नही।

मुमकिन हो तो मेरे दिल मे रह लो, इससे हसीन मेरे पास कोई घर नही।

लम्हा-दर-लम्हा कुछ इस तरह मेरा इम्तिहान लेगी, लगता है तेरी ये कमबख़्त आशिक़ी मेरी जान लेगी।

लम्हा-दर-लम्हा कुछ इस तरह मेरा इम्तिहान लेगी, लगता है तेरी ये कमबख़्त आशिक़ी मेरी जान लेगी।

सब्र करो इतना के आशिकी भी बेहूदा न लगे, खुदा मेहबूब न लगे और मेहबूब खुदा न लगे।

सब्र करो इतना के आशिकी भी बेहूदा न लगे, खुदा मेहबूब न लगे और मेहबूब खुदा न लगे।

तेरे शहर में आके बेनाम हो गए, तेरी चाहत में अपनी मुस्कान को खो गए, जो डूबे तेरी मोहब्बत में तो ऐसे डूबे की, जैसे तेरी आशिकी के गुलाम ही हो गए।

तेरे शहर में आके बेनाम हो गए, तेरी चाहत में अपनी मुस्कान को खो गए, जो डूबे तेरी मोहब्बत में तो ऐसे डूबे की, जैसे तेरी आशिकी के गुलाम ही हो गए।

जो मोहब्बत तुम्हारे दिल में है उसे जुबां पर लाओ, और बयां कर दो आज बस तुम कहो और कहते ही जाओ हम बस सुनें ऐसे बेज़ुबान कर दो।

जो मोहब्बत तुम्हारे दिल में है उसे जुबां पर लाओ, और बयां कर दो आज बस तुम कहो और कहते ही जाओ हम बस सुनें ऐसे बेज़ुबान कर दो।

बहुत महँगी हुई अब तो वफा, लोग कहाँ मिलते हैं जो सच्चा प्यार करें, मोहब्बत तो बन गई है अब सजा, आशिक कहाँ मिलते हैं जो संग-संग इश्क का दरिया पार करें।

बहुत महँगी हुई अब तो वफा, लोग कहाँ मिलते हैं जो सच्चा प्यार करें, मोहब्बत तो बन गई है अब सजा, आशिक कहाँ मिलते हैं जो संग-संग इश्क का दरिया पार करें।

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