Aansu Shayari | आँसू शायरी

आँसू आ जाते हैं आँखों में, पर लबों पे हसी लानी पड़ती है, यह मोहब्बत भी क्या चीज़ है यारो, जिससे करते है उसी से छुपानी पड़ती है।

आँसू आ जाते हैं आँखों में, पर लबों पे हसी लानी पड़ती है, यह मोहब्बत भी क्या चीज़ है यारो, जिससे करते है उसी से छुपानी पड़ती है।

वो कहती है, अचानक मैं तुम्हे यूँ ही रुला दूँ तो! मैं कहता हूँ, मुझे डर है के तुम भी भीग जाओगी!

वो कहती है, अचानक मैं तुम्हे यूँ ही रुला दूँ तो! मैं कहता हूँ, मुझे डर है के तुम भी भीग जाओगी!

आँसू की कीमत जो समझ ली उन्होने, उन्हे भूलकर भी मुस्कुराते रहे हम।

आँसू की कीमत जो समझ ली उन्होने, उन्हे भूलकर भी मुस्कुराते रहे हम।

वो कह के चले इतनी मुलाकात बहुत है, मैंने कहा रुक जाओ अभी रात बहुत है, आँसू मेरे थम जाये तो फिर शौक से जाना, ऐसे में कहाँ जाओगे बरसात बहुत है।

वो कह के चले इतनी मुलाकात बहुत है, मैंने कहा रुक जाओ अभी रात बहुत है, आँसू मेरे थम जाये तो फिर शौक से जाना, ऐसे में कहाँ जाओगे बरसात बहुत है।

जज़्बातों के खेल में मुहब्बत के सबूत न मांग हमसे मैंने वो आंसू भी बहाए हैं जो मेरी आंखों में न थे

जज़्बातों के खेल में मुहब्बत के सबूत न मांग हमसे मैंने वो आंसू भी बहाए हैं जो मेरी आंखों में न थे

एक दिन करोगे याद प्यार के ज़माने को, जब हम चले जाएँगे ना वापिस आने को, जब महफ़िल मे चलेगा ज़िक्र हमारा तो, तन्हाई ढूँढोगे तुम भी आँसू बहाने को।

एक दिन करोगे याद प्यार के ज़माने को, जब हम चले जाएँगे ना वापिस आने को, जब महफ़िल मे चलेगा ज़िक्र हमारा तो, तन्हाई ढूँढोगे तुम भी आँसू बहाने को।

मज़ा बरसात का चाहो तो इन आँखों में आ बैठो, वो बरसों में कभी बरसें ये बरसों से बरसती हैं।

मज़ा बरसात का चाहो तो इन आँखों में आ बैठो, वो बरसों में कभी बरसें ये बरसों से बरसती हैं।

काँटों की सेज पर चलने की हमें अब आदत हो गई है, न रोये कोई हमे देख कर, हमें अब आँसू बहाने की आदत हो गई है।

काँटों की सेज पर चलने की हमें अब आदत हो गई है, न रोये कोई हमे देख कर, हमें अब आँसू बहाने की आदत हो गई है।

लगता है भूल चूका हूँ, मुस्कुराने का हुनर! कोशिश जब भी करता हूँ, आंसू निकल ही आते है!

लगता है भूल चूका हूँ, मुस्कुराने का हुनर! कोशिश जब भी करता हूँ, आंसू निकल ही आते है!

बहुत चाहा उसको जिसे हम पा न सके, ख्यालों में किसी और को ला न सके, उसको देख के आँसू तो पोंछ लिए, लेकिन किसी और को देख के मुस्कुरा न सके।

बहुत चाहा उसको जिसे हम पा न सके, ख्यालों में किसी और को ला न सके, उसको देख के आँसू तो पोंछ लिए, लेकिन किसी और को देख के मुस्कुरा न सके।

आंखों में मेरे इस कदर छाए रहे आंसू, कि आईने में अपनी ही सूरत नहीं मिली।

आंखों में मेरे इस कदर छाए रहे आंसू, कि आईने में अपनी ही सूरत नहीं मिली।

तुम आँख कि बरसात बचाए हुए रखना! कुछ लोग अभी…आग लगाना नही भुले!

तुम आँख कि बरसात बचाए हुए रखना! कुछ लोग अभी…आग लगाना नही भुले!

तेरे इश्क की दुनिया में हर कोई मजबूर है, पल में हँसी पल में आँसू ये चाहत का दस्तूर है।

तेरे इश्क की दुनिया में हर कोई मजबूर है, पल में हँसी पल में आँसू ये चाहत का दस्तूर है।

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