Aansu Shayari | आँसू शायरी

कितने मासूम होते हैं ये आँसू भी… ये गिरते भी उनके लिये हैं जिन्हें इनकी परवाह नहीं होती

कितने मासूम होते हैं ये आँसू भी… ये गिरते भी उनके लिये हैं जिन्हें इनकी परवाह नहीं होती

देख उनको चश्म-ए-नम मैं खुश हुआ हूँ आज यूँ है अभी उम्मीद-ए-उल्फत कायम अपने दरमियां।

देख उनको चश्म-ए-नम मैं खुश हुआ हूँ आज यूँ है अभी उम्मीद-ए-उल्फत कायम अपने दरमियां।

दुपट्टे से अपने वो पोंछता है आँसू मेरे, रोने का भी अपना कुछ अलग ही मज़ा है।

दुपट्टे से अपने वो पोंछता है आँसू मेरे, रोने का भी अपना कुछ अलग ही मज़ा है।

आया नहीं था कभी मेरी आँख से एक आँसू भी, मोहब्बत क्या हुई आँसुओं का सैलाब आ गया।

आया नहीं था कभी मेरी आँख से एक आँसू भी, मोहब्बत क्या हुई आँसुओं का सैलाब आ गया।

चलता फिरता बेजान जिस्म है मेरा, ना जाने तेरे याद में इन आंखो से आंसू कहां से निकाल जाते हैं।

चलता फिरता बेजान जिस्म है मेरा, ना जाने तेरे याद में इन आंखो से आंसू कहां से निकाल जाते हैं।

अश्क़ ही मेरे दिन हैं अश्क़ ही मेरी रातें, अश्कों में ही घुली हैं वो बीती हुयी बातें।

अश्क़ ही मेरे दिन हैं अश्क़ ही मेरी रातें, अश्कों में ही घुली हैं वो बीती हुयी बातें।

आयेंगे तुझसे मिलने सितारों की रोशनी मे, ऐ पत्थर-ए-सनम एक आँसू अपनी बेवफ़ाई पे बहा देना।

आयेंगे तुझसे मिलने सितारों की रोशनी मे, ऐ पत्थर-ए-सनम एक आँसू अपनी बेवफ़ाई पे बहा देना।

हिम्मत इतनी थी समुन्दर भी पार कर सकते थे, मजबूर इतने हुए कि दो बूँद आँसुओं ने डुबो दिया!

हिम्मत इतनी थी समुन्दर भी पार कर सकते थे, मजबूर इतने हुए कि दो बूँद आँसुओं ने डुबो दिया!

वो आती नही पर निसानी भेज देती हैं ख्वाबो में दास्तां पुरानी भेज देती हैं कितने मिठे है उनके यादो के मंजर कभी-कभी आखो में पानी भेज देती हैं।

वो आती नही पर निसानी भेज देती हैं ख्वाबो में दास्तां पुरानी भेज देती हैं कितने मिठे है उनके यादो के मंजर कभी-कभी आखो में पानी भेज देती हैं।

तेरी जुबान ने कुछ कहा तो नहीं था, फिर न जाने क्यों मेरी आँख नम हो गयी।

तेरी जुबान ने कुछ कहा तो नहीं था, फिर न जाने क्यों मेरी आँख नम हो गयी।

मेरी दोस्ती हमेशा याद आएगी कभी चेहरे पे हँसी,कभी आँखो मे आँसू लाएगी भूलना भी चाहोगे तो कैसे भुलोगे मेरी कोई तो बात होगी जो हमेशा याद आएगी

मेरी दोस्ती हमेशा याद आएगी कभी चेहरे पे हँसी,कभी आँखो मे आँसू लाएगी भूलना भी चाहोगे तो कैसे भुलोगे मेरी कोई तो बात होगी जो हमेशा याद आएगी

बह जाती काश यादें भी आँसुओ के साथ, तो एक दिन हम भी रो लेते तसल्ली से बैठ कर।

बह जाती काश यादें भी आँसुओ के साथ, तो एक दिन हम भी रो लेते तसल्ली से बैठ कर।

जब कोई मजबूरी में जुदा होता है, वोह ज़रूरी नहीं के बेवफा होता है, आपकी आँखों में दे कर वह आँसू, आपसे भी ज़्यादा अकेले में रोता है।

जब कोई मजबूरी में जुदा होता है, वोह ज़रूरी नहीं के बेवफा होता है, आपकी आँखों में दे कर वह आँसू, आपसे भी ज़्यादा अकेले में रोता है।

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