Aansu Shayari | आँसू शायरी

ले लो वापिस वो आँसू, वो तड़प, वो यादें सारी! नहीं कोई जुर्म मेरा तो फिर ये सजाएँ कैसी!

ले लो वापिस वो आँसू, वो तड़प, वो यादें सारी! नहीं कोई जुर्म मेरा तो फिर ये सजाएँ कैसी!

लफ्ज़ जब बरसते हैं बन कर बूँदें! मौसम कोई भी हो मन भीग ही जाता है!

लफ्ज़ जब बरसते हैं बन कर बूँदें! मौसम कोई भी हो मन भीग ही जाता है!

तुम मुझे हँसी-हँसी में खो तो दोगे, पर याद रखना फिर आंसुओं में ढ़ूंढ़ोगे।

तुम मुझे हँसी-हँसी में खो तो दोगे, पर याद रखना फिर आंसुओं में ढ़ूंढ़ोगे।

दिल मैं हर राज़ दबा कर रखते है, होंटो पर मुस्कराहट सजाकर रखते है, ये दुनिया सिर्फ़ खुशी मैं साथ देती है, इसलिए अपने आँसुओ को छुपा कर रखते है।

दिल मैं हर राज़ दबा कर रखते है, होंटो पर मुस्कराहट सजाकर रखते है, ये दुनिया सिर्फ़ खुशी मैं साथ देती है, इसलिए अपने आँसुओ को छुपा कर रखते है।

आँख का आँसू तो हर कोई, बन जाता हैं यहाँ, हम तो बस मुस्कुराहट बनने की आरज़ू रखते हैं।

आँख का आँसू तो हर कोई, बन जाता हैं यहाँ, हम तो बस मुस्कुराहट बनने की आरज़ू रखते हैं।

जो आंसू न होते आँखों में, तो ऑंखें इतनी खूबसूरत न होती, जो दर्द न होता इस दिल में, तो ख़ुशी की कीमत पता न होती, जो बेवफाई न की होती वक़्त ने हमसे, तो जुदाई में जीने की आदत न होती।

जो आंसू न होते आँखों में, तो ऑंखें इतनी खूबसूरत न होती, जो दर्द न होता इस दिल में, तो ख़ुशी की कीमत पता न होती, जो बेवफाई न की होती वक़्त ने हमसे, तो जुदाई में जीने की आदत न होती।

कैसे हो पाये भला इंसान की पहचान ? दोनों नकली हो गए, आँसू और मुस्कान!

कैसे हो पाये भला इंसान की पहचान ? दोनों नकली हो गए, आँसू और मुस्कान!

तरस आता है मुझे अपनी मासूम सी पलकों पर, जब भीग कर कहती है की अब रोया नहीं जाता।

तरस आता है मुझे अपनी मासूम सी पलकों पर, जब भीग कर कहती है की अब रोया नहीं जाता।

होंठो ने मुस्कुराने से मना कर दिया आंसुओं ने बह जाने से मना कर दिया एक बार जो दिल टूटा प्यार में फिर इस दिल ने दिल लगाने से मना कर दिया।

होंठो ने मुस्कुराने से मना कर दिया आंसुओं ने बह जाने से मना कर दिया एक बार जो दिल टूटा प्यार में फिर इस दिल ने दिल लगाने से मना कर दिया।

रोए भी तो हम किस के लिए रोए अब हमारा कोई नहीं, बस तू मेरा एक सहारा थी अब हमारा सहारा कोई नहीं।

रोए भी तो हम किस के लिए रोए अब हमारा कोई नहीं, बस तू मेरा एक सहारा थी अब हमारा सहारा कोई नहीं।

चाहत वो नहीं जो जान देती है, चाहत वो नहीं जो मुस्कान देती है, ऐ दोस्त चाहत तो वो है, जो पानी में गिरा आँसू पहचान लेती है।

चाहत वो नहीं जो जान देती है, चाहत वो नहीं जो मुस्कान देती है, ऐ दोस्त चाहत तो वो है, जो पानी में गिरा आँसू पहचान लेती है।

सोचता हूँ तो छलक उठती हैं मेरी आँखें तेरे बारे में न सोचूँ तो अकेला हो जाऊँ।

सोचता हूँ तो छलक उठती हैं मेरी आँखें तेरे बारे में न सोचूँ तो अकेला हो जाऊँ।

मुस्कुराती आँखों से अफ़साना लिखा था,शायद आपका मेरी ज़िन्दगी में आना लिखा था तक़दीर तो देखो मेरे आँसूकी, उसको भी तेरी याद मे बह जाना लिखा था।

मुस्कुराती आँखों से अफ़साना लिखा था,शायद आपका मेरी ज़िन्दगी में आना लिखा था तक़दीर तो देखो मेरे आँसूकी, उसको भी तेरी याद मे बह जाना लिखा था।

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