Aansu Shayari | आँसू शायरी

मेरी आँखों में आसूं तुझसे हमदम क्या कहूं क्या है, ठहर जाये तो अंगारा है, बह जाये तो दरिया है।

मेरी आँखों में आसूं तुझसे हमदम क्या कहूं क्या है, ठहर जाये तो अंगारा है, बह जाये तो दरिया है।

आँसू हमारे पोंछ कर वो मुस्कराते हैं, इसी अदा से वो मेरा दिल चुराते हैं, हाथ उनका छू जाये हमारे चेहरे को, इसी उम्मीद में हम खुद को रुलाते हैं।

आँसू हमारे पोंछ कर वो मुस्कराते हैं, इसी अदा से वो मेरा दिल चुराते हैं, हाथ उनका छू जाये हमारे चेहरे को, इसी उम्मीद में हम खुद को रुलाते हैं।

तुम्हारी आँखों में बसा है आशियाना मेरा, अगर ज़िन्दा रखना चाहो तो कभी आँसू मत लाना।

तुम्हारी आँखों में बसा है आशियाना मेरा, अगर ज़िन्दा रखना चाहो तो कभी आँसू मत लाना।

यादें रह जाती है याद करने के लिए, और वक़्त सब लेकर गुजर जाता है।

यादें रह जाती है याद करने के लिए, और वक़्त सब लेकर गुजर जाता है।

वो नदियाँ नहीं आँसू थे मेरे, जिस पर वो कश्ती चलाते रहे, मंजिल मिले उन्हें ये चाहत थी मेरी, इसलिए हम आँसू बहाते रहे।

वो नदियाँ नहीं आँसू थे मेरे, जिस पर वो कश्ती चलाते रहे, मंजिल मिले उन्हें ये चाहत थी मेरी, इसलिए हम आँसू बहाते रहे।

वही हम थे कि रोते हुओं को हंसा देते थे, वही हम हैं कि थमता नहीं एक आँसू अपना।

वही हम थे कि रोते हुओं को हंसा देते थे, वही हम हैं कि थमता नहीं एक आँसू अपना।

आया ही था ख्याल के आँखे छलक पड़ी, आँसू किसी की याद के कितने करीब हैं।

आया ही था ख्याल के आँखे छलक पड़ी, आँसू किसी की याद के कितने करीब हैं।

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