रात गुजारी फिर महकती सुबह आई, दिल धड़का फिर तुम्हारी याद आई आँखों ने महसूस किया उस हवा को, जो तुम्हें छु कर हमारे पास आई।

रात गुजारी फिर महकती सुबह आई, दिल धड़का फिर तुम्हारी याद आई आँखों ने महसूस किया उस हवा को, जो तुम्हें छु कर हमारे पास आई।

जो सुरूर है तेरी आँखों में वो बात कहां मैखाने में, बस तू मिल जाए तो फिर क्या रखा है ज़माने में।

जो सुरूर है तेरी आँखों में वो बात कहां मैखाने में, बस तू मिल जाए तो फिर क्या रखा है ज़माने में।

मैं जिसे ओढ़ता-बिछाता हूँ वो ग़ज़ल आपको सुनाता हूँ  एक जंगल है तेरी आँखों में मैं जहाँ राह भूल जाता हूँ।

मैं जिसे ओढ़ता-बिछाता हूँ वो ग़ज़ल आपको सुनाता हूँ एक जंगल है तेरी आँखों में मैं जहाँ राह भूल जाता हूँ।

क्या कशिश थी उसकी आंखों में मत पूछो, मुझसे मेरा दिल लड़ पड़ा मुझे वह शख्स चाहिए।

क्या कशिश थी उसकी आंखों में मत पूछो, मुझसे मेरा दिल लड़ पड़ा मुझे वह शख्स चाहिए।

तेरी आँखों की कशिश खींचती है इस कदर, ये दिल सिर्फ बहलता नहीं बहक जाता है।

तेरी आँखों की कशिश खींचती है इस कदर, ये दिल सिर्फ बहलता नहीं बहक जाता है।

अपनी आँखों मैं छुपा रखे हैं जुगनू मैंने, अपनी पलकों मैं सजा रखे हैं आँसू मैंने मेरी आँखों को भी बरसात का मौक़ा दे दे सिर्फ एक बार मुलाक़ात का मौक़ा दे दे।

अपनी आँखों मैं छुपा रखे हैं जुगनू मैंने, अपनी पलकों मैं सजा रखे हैं आँसू मैंने मेरी आँखों को भी बरसात का मौक़ा दे दे सिर्फ एक बार मुलाक़ात का मौक़ा दे दे।

पानी में तैरना सीख लीजिये मेरे दोस्तो, आँखों में डूबने का अंजाम बुरा होता है।

पानी में तैरना सीख लीजिये मेरे दोस्तो, आँखों में डूबने का अंजाम बुरा होता है।

आँखों में ही देखा दिल में उतरकर नहीं देखा, कश्ती के मुसाफिर ने समंदर नहीं देखा, और पत्थर ही समझते रहे मेरे चाहने वाले, मै मोम था उसने कभी छूकर नहीं देखा।

आँखों में ही देखा दिल में उतरकर नहीं देखा, कश्ती के मुसाफिर ने समंदर नहीं देखा, और पत्थर ही समझते रहे मेरे चाहने वाले, मै मोम था उसने कभी छूकर नहीं देखा।

हम वो है जो आंखो में आंखे डाल के, सच जान लेते हैं, तुझसे मुहब्बत है, बस इसलिये तेरे झूठ भी सच मान लेते है।

हम वो है जो आंखो में आंखे डाल के, सच जान लेते हैं, तुझसे मुहब्बत है, बस इसलिये तेरे झूठ भी सच मान लेते है।

तुम्हारी याद में आँखों का रतजगा है, कोई ख़्वाब नया आए तो कैसे आए।

तुम्हारी याद में आँखों का रतजगा है, कोई ख़्वाब नया आए तो कैसे आए।

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